अफगानिस्तान का शॉर्ट्स से हिजाब तक का सफर

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अफगानिस्तान

अफगानिस्तान क्या हमेशा से ऐसा था –

अफ़ग़ानिस्तान ये नाम इस समय बहुत सुनने को मिल रहा है। हो भी क्यों न क्योकि वहाँ अभी तालिबान का कब्ज़ा हो गया है। और ये बहुत कट्टर माने जाते है।पहले भी इनका शासन था।और दुनिया देख चुकी है की ये कितने बर्बर थे।इनके यहाँ तो महिलाओं के हालत चिंताजनक हो गयी थी। उनके कई अधिकार उनसे छीन लिए गए थे।लेकिन आपने कभी सोचा क्या अफगानिस्तान हमेशा से ऐसा था। तो आप को बताना चाहता हूँ की बिलकुल नहीं ऐसा अफगानिस्तान नहीं था।

एक समय था जब अफ़ग़ान नागरिक दुनिया के बाक़ी मॉडर्न देशों के बाशिंदों की तरह अपनी मर्ज़ी से जी सकते थे – Fashionable कपड़े पहन सकते थे, अपनी मर्ज़ी के मुताबिक़ खा-पी सकते थे, गाने, फ़िल्में देख-सुन सकते थे, देश में मॉडर्न क़ानून और न्याय प्रणाली थी, महिलाएं काम पर जा सकती थी, पढ़ सकती थी, आदि. दुनियाभर से लोग अफ़ग़ानिस्तान घूमने भी जाते थे।कट्टरपंथियों और आतंकवादियों के हाथ में जाने से पहले ये देश कितना ख़ूबसूरत और मॉडर्न था। ऐसी कई तस्वीर अभी इंटरनेट पे वायरल हो रही है।

1 – स्कूल से लौटती छात्राएं
2 -Higher Teachers College में दो अफ़ग़ान शिक्षक
3 -शांति के दिन और सुकून के पल
4 – चाय और संगीत के साथ ख़ाली समय में मस्ती करते अफ़ग़ान
5 -मिनी स्कर्ट पहन कर क़ाबुल की सड़कों पर बेख़ौफ़ घूमती लड़कियां

अफ़गान का विशेष –

अफ़गानिस्तान रेशम मार्ग और मानव प्रवास का एक प्राचीन केन्द्र बिन्दु रहा है। पुरातत्वविदों को मध्य पाषाण काल ​​के मानव बस्ती के साक्ष्य मिले हैं। इस क्षेत्र में नगरीय सभ्यता की शुरुआत 3,000 से 2,000 ई.पू. के रूप में मानी जा सकती है। यह क्षेत्र एक ऐसे भू-रणनीतिक स्थान पर अवस्थित है जो मध्य एशिया और पश्चिम एशिया को भारतीय उपमहाद्वीप की संस्कृति से जोड़ता है। इस भूमि पर कुषाण, हफ्थलिट, समानी, गजनवी, मोहमद गौरी, मुगल, दुर्रानी और अनेक दूसरे प्रमुख साम्राज्यों का उत्थान हुआ है। प्राचीन काल में फ़ारस तथा शक साम्राज्यों का अंग रहा अफ़्ग़ानिस्तान कई सम्राटों, आक्रमणकारियों तथा विजेताओं की कर्मभूमि रहा है। इनमें सिकन्दर, फारसी शासक दारा प्रथम, तुर्क,मुगल शासक बाबर, मुहम्मद गौरी, नादिर शाह सिख साम्राज्य इत्यादि के नाम प्रमुख हैं।

अफ़गानिस्तान के प्रमुख नगर हैं- राजधानी काबुल, कन्धार (गन्धार प्रदेश) भारत के प्राचीन ग्रन्थ महाभारत में इसे राजा सकुनी का प्रदेश गन्धार प्रदेश कहा जाता था। यहाँ कई नस्ल के लोग रहते हैं जिनमें पश्तून (पठान या अफ़ग़ान) सबसे अधिक हैं।इसके अलावा उज्बेक, ताजिक, तुर्कमेन और हज़ारा शामिल हैं।यहाँ की मुख्य भाषा पश्तो है।फ़ारसी भाषा के अफ़गान रूप को दरी कहते हैं।

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