एक ऐसा अविष्कारक जिसने माँ की सुनने के असमर्थता के लिए पुरे समाज के लिए ध्वनि यंत्र बना डाला –

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अविष्कारक

अलेक्जेंडर ग्राहम बेल और अविष्कार –

अलेक्जेंडर ग्राहम बेल का जन्म 3 मार्च 1847 स्कॉटलैण्ड के एडिनबर्ग में हुआ था | ज्यादातर लोगो उन्हें टेलीफोन के अविष्कारक के रूप में जानते है | लेकिन यहाँ आपको हम उनके और कई पहलु से अवगत करायेंगे| टेलीफोन के आलावा भी उन्होंने मानव समाज को कई और चीजें दी जैसे की -ऑप्टिकल फाइबर सिस्टम , बेल और डेसीबल यूनिट , फोटोफोन , मेटल डिटेक्टर इस उपयोगी चीजें की खोज का भी श्रेय भी उन्हें ही जाता है| आज के दौर में ये ऐसी तकनीकी है जिसके बिना हम संचार क्रांति की कल्पना भी नहीं कर सकते है | ग्राहम बेल का जन्म स्कॉटलैण्ड के एडिनबर्ग में ३ मार्च सन १८४७ को हुआ था।

ग्राहम बेल का डीफ लोगों से लगाव –

बेल की माँ एलिज़ा बहुत मुश्किल से सुन पाती थी और उनके पिता गूंगे के स्कूल में टीचर थे | और इन्ही फीलिंग से उन्होंने डीफ एजुकेशन के लिए काम करने की ठानी | और समय -समय डीफ एजुकेशन के लिए फण्ड भी दिया करते थे | एक अविष्कारक के तौर पे भी उन्होंने फिजियोलॉजी ऑफ़ स्पीच के बारे में खोजने लगे पढ़ाने के लिए डीफ स्टूडेंट को | यही कारण था कि वे ध्वनि विज्ञान की मदद से न सुन पाने में असमर्थ लोगों के लिए ऐसा यंत्र बनाने में कामयाब हुए, जो आज भी बधिर लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

बेल का 16 साल की उम्र संगीत का अध्यापक हो जाना –

उनकी प्रतिभा का आप अंदाज़ा ऐसे ही लगा सकते है की वो महज 13 वर्ष की उम्र में ग्रेजुएट हो गए थे।इससे भी बड़ी बात ये है की वो केवल 16 साल की उम्र संगीत के अध्यापक के रूप में पुरे स्कॉटलैंड में मशहूर हो गये थे |विज्ञानं और तकनीकी के प्रति उनका प्रेम किसी से छुपा नहीं था | वो अपने पैसे को विज्ञानं के योगदान में लगाया करते थे और बाकायदा इसके लिए नेशनल जियोग्राफिक सोसाइटी भी बनायीं और 1898 से 1903 उसके अध्यक्ष भी रहे |

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