आये जाने हम २६ जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में क्यों मनाते है |

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२६ जनवरी

आये जाने हम २६ जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में क्यों मनाते है

हम हर साल २६ जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते है क्योकि इस दिन ही हमारा सविधान लागु हुआ था | एक स्वतंत्र गणराज्य बनने के लिए और हमारे देश में कानून का राज्य स्थापित करने सविधान को २६ नवंबर १९४९ को अपनाया गया था | और इसी दिन इसे एक लोकतंत्र घोषित किया गया |लेकिन आप सोचते होंगे ये २६ नवंबर का दिन था लेकिन हम २६ जनवरी को मानते है | इसमें भी एक रहस्य है | हम २६ जनवरी को इसलिए मनाते है क्योकि २६ जनवरी १९३० को इसी दिन राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत को पूर्ण स्वराज घोषित किया था | और इसीलिए हमने अपना गणतंत्र २६ जनवरी को मनाना तय किया गया |भारत में ३ राष्ट्रीय अवकाश घोषित किये गए उसमे २६ जनवरी , १५ अगस्त और २ अक्टूबर गाँधी जयंती है |इस दिन झंडा फहराते है | भारत सरकार ने झंडा फहराना का एक कानून बना रखा है |

आये जाने राष्ट्रीय झंडा (ध्वज ) को फहराने के नियम और कानून –

१-तिरंगा हमेशा सूर्यादय और सूर्यास्त के बीच ही फहराया जा सकता है |

२-तिरंगे को कभी भी झुकाया नहीं जा सकता और नहीं ही उतारा जा सकता है |भारत सरकार के आदेश के बाद स्कूल और दूसरे संस्था में तिरंगा आधा झुकाया जा सकता है |

३-तिरंगे को कभी भी पानी में डुबाया नहीं जा सकता , और इसको कोई नुक्सान नहीं पंहुचा सकते है |इसको जलाया नहीं जा सकता , नुकसान के आलावा  इसका शाब्दिक या मौखिक अपमान करने पे ३ साल का क़ैद या जुर्माना या दोनों ही है |

४-तिरंगे का आकार आयताकार होना चाहिए और इसका अनुपात ३;२ होना चाहिए |

५-तिरंगा हमेशा कॉटन , या सिल्क या खादी का ही होना चाहिए |

६-केसरिया रंग को नीचे करके फहराना गलत है |

७-तिरंगे को हमेशा अपने पास के ऊचे जगह पे फहराना चाहिए |

८-तिरंगे को किसी मेज़ को ढकने या फिर किसी सजावट में पीछे नहीं लगा सकते है |

९-कभी भी मैला -कुचला और फटा -पुराना तिरंगा नहीं फहरा सकते | अगर तिरंगा फट जाये या मैला हो जाये तो उसे एकांत में जेक नष्ट कर देना चाहिए | जिससे उसकी गरिमा बनी रही |झंडे को पवित्र नदी में जल समाधी भी दी जा सकती है |

१०- तिरंगे को कपडा बना के पहनना तिरंगे का अपमान है |तिरंगे का अंडरगार्मेंट , रुमाल , कुशन बना कर इस्तेमाल करना गलत है |

इसलिए अपने तिरंगे का सम्मान करे | आप सभी हमारी तरफ से २६ जनवरी की सुभकामनाये | ये लोकतंत्र दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है | जो हमारे लिए गर्व की बात है |

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