एक जज का चोरी के मामले में ऐतिहासिक फैसला –

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एक जज
एक जज

एक जज और एक अपराधी –

आजकल कोरोना में हर जगह काम का संकट है और नौकरी भी नहीं रही और तो और व्यपार का खस्ता हाल है | चोरी करना बुरी बात है ये मैं ये बहुत पहले से सुनता आ रहा हूँ | लेकिन चोरी के पीछे कारण का पता लगाना भी हमारा ही काम है चोरी आखिर होती है क्यों ? चोरी तो हर तरह की होती है | लेकिन जब खाने की चोरी होती है तो सवाल उठता ही है | आज बिहार के एक जज ने खाने की चोरी पे बड़ा फैसला दिया |

चोरी
चोरी

हुआ यूँ की एक लड़के अपनी बीमार माँ के लिए खाने की चोरी की थी | जब गिरफ्तार करके जज के सामने लाया गया | तो जज ने उसके चोरी के लिए सजा न देकर | उसको शासन से कहके कपडे ,और राशन दिलवाया | और पता करने को कहा की लड़के के परिवार को सरकारी सुविधा क्यों नहीं मिली है | शासन ने कहा लड़का का अपना घर नहीं है और इनके परिवार के पास राशन कार्ड भी नहीं है | इसलिए सरकारी सुविधाओं से वंचित रह गया | उन्होंने कहा की खाना के चोरी को क्या एक चोरी कहा जाये |

रोटी जरुरी है सबके लिए –

हम इंसान खाना हमारी प्राथमिकता के श्रेणी सबसे ऊपर है और हमारी और सरकार के ये जिम्मेदारी होती है की देश में कम से कम एक भी चोरी खाने को लेकर न हो | यूरोप में कई ऐसे रेस्ट्रो ने एक स्कीम चालू की थी |

सस्पेंडेड कॉफ़ी
सस्पेंडेड कॉफ़ी

सस्पेंशन कॉफ़ी की – ये स्कीम ये थी की आप अगर समृद्ध है तो किसी कॉफ़ी शॉप में जाकर आप एक से ज्यादा कॉफ़ी आर्डर करते है और एक आप पीते है दूसरी कॉफ़ी आप नहीं लेते है और सस्पेंडेड कॉफ़ी हो जाती है | जब कोई व्यक्ति जो कॉफ़ी पीना चाहता और उसको पैसे नहीं देने को तो वो रेस्ट्रो वो कॉफ़ी दे देता है |

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