ऐसा शख्स जिसके शेयर खरीदने -बेचने से हिल जाता है शेयर मार्केट-

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शेयर खरीदने -बेचने से 5000 से 5000 करोड़ बनाने वाले –

आये बताते है उस शख्स ने समझ और अनुभव से जिसने 5000 से 5000 करोड़ बना डाले|ये शख्स कोई और नहीं है एक सेलटेक्स अफसर का लड़का है भारत के वॉरेन बफेट के नाम से मशहूर राकेश झुनझुनवाला हैं| स्टॉक मार्केट , वो जगह जहां हर कोई फकीर लखपती, करोड़पति बन जाता है तो कोई करोड़पति फकीर बन जाता है। यहां आंकड़े पलक झपकते ही बदल जाते हैं इसीलिए कहा जाता है कि स्टॉक मार्केट हर किसी के बस की बात नहीं और ना हि ये कोई बच्चे का खेल है। मगर एक शख्स ऐसा है जिसके किसी कंपनी के शेयर खरीदते या बेचते ही शेयर मार्केट हिल जाता है। कहा जाता है कि अगर ये शख्स किसी कंपनी के शेयर खरीद ले तो समझ लीजिए कि वो कंपनी मुनाफे में जाने वाली है|

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राकेश का पहला शेयर –

एक मारवाड़ी परिवार में जन्मा ये लड़का बचपन से तेज़ दिमाग का था |इनका जन्म 5 जुलाई १९६० को हैदराबाद में हुआ था |लेकिन इनका बचपन मुंबई में बिता है क्योकि मुंबई में इनके पिता इनकम टैक्स अफसर थे | मुंबई के सिडनहैम कॉलेज से ग्रेजुएशन की डिग्री ली| स्नातक करने के बाद इन्होने शेयर मार्केट उतरने की इच्छा जताई लेकिन इनके पिता ने मना कर दिया और कहा की पहले प्रोफेसनल डिग्री पूरा करो |फिर इन्होने ने सीए की डिग्री के लिए एनरोल किया|सीए की पढ़ाई करने के बाद पिता से शेयर मार्केट में लगाने के लिए पैसे मांगे तो पिता ने साफ तौर पर मना कर दिया|फिर इन्होने दोस्तों से भी पैसे मांगे लेकिन उन्होंने भी मना कर दिया |

शेयर (3)फिर राकेश ने अपने पास 5000 रूपए जमा किये थे उसको प्रयोग करने की सोचा |झुनझुनवाला ने सबसे पहले अपना पैसा टाटा टी के शेयर खरीदने में लगाया | और उस समय टाटा टी का एक शेयर 43 रूपए का था | और उन्होंने 5000 रूपए के शेयर खरीद डाले |और बाद में 43 के शेयर 143 रूपए में बेच कर 5 लाख कमाया |फिर राकेश झुनझुनवाला पीछे मुड़ के नहीं देखा| अपने 5000 को 5000 करोड़ में बदल डालने में ज्यादा समय नहीं लगा | और तो और दुनिया के प्रतिष्ठ पत्रिका फोर्बस मैगजीन ने राकेश झुनझुनाला साल 2002 में में भारत के 50 सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची में रखा था|

राकेश अपने कमाए हुए डिविडेंड का 1 तिहाई चैरिटी कर देते हैं क्यों ?

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जब राकेश झुनझुनवाला साल २००२ में भारत के 50 अमीर व्यक्तियों की सूची में आये तो उनके पिता ने उन्हें फ़ोन किया था और बहुत गुस्सा किया था की तू इतना कमा रहा है लेकिन कोई चैरिटी नहीं करता है | अब तो कुछ चैरिटी करा कर |ये बात राकेश झुनझुनवाला को लग गयी | और उस दिन से राकेश अपने कमाए हुए डिविडेंड का 1 तिहाई चैरिटी कर देते हैं | राकेश झुनझुनवाला ने इस साल भी कोरोना कॉल में भी एक कंपनी के शेयर से रोजाना 13 .66 लाख रूपए कमाए |

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