चीन ने कैसे बचाया अपने किसानो को कॉरपोरेट खेती से –

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कॉरपोरेट

चीन ने किसानो को कैसे कॉरपोरेट के दखल से बचाया-

एशिया में चीन भी प्रमुख कृषि प्रधान देश है | कृषि न केवल चीनियों का आजीविका का साधन है अपितु ये उनकी जीवन शैली में आता है | क्योकि वहाँ पर केवल 12 % भूमि पर ही कृषि होती है |जबकि चीन की आबादी का 65 % जनसँख्या कृषि कार्य में लगी हुई है |इधर भारत में जब इस समय कृषि सुधारों और कॉरपोरेट के दखल को लेकर बवाल हुआ पड़ा है | तो हमने सोचा की अपनी पड़ोसी चीन के बारे कुछ जाने और आपको बताया जाये | और दोनों की तुलना करने में चीजें आसान हो जाएँगी |

कॉरपोरेट

हुआ यूँ की चीन ने 1980 में कृषि सुधार के लिए एक नया सिस्टम लाया |जिसका नाम था -हाउसहोल्ड रेस्पोंसिबिलिटी सिस्टम |ये एक कृषि उत्पादन व्यवस्था थी|इसका सीधा से मतलब था की खेती हर परिवार की जिम्मेदारी होगी | चीन ने कॉरपोरेट को न दे कर |ये कॉन्ट्रैक्ट पुरे गांव को दे दी |अब गांव की ही जिम्मेदारी हो गयी की खेती को कैसे आगे बढ़ाये | इसकी शुरुआत 1980 में हुई लेकिन आधिकारिक रूप से 1982 इसे लागु किया |

हाउसहोल्ड रेस्पोंसिबिलिटी सिस्टम-

इसके प्रोसेस में सबसे पहले गांव की पूरी जमीन पर गांव का ही सयुक्त मालिकाना हक़ हो जाता है |और गांव की खेती एक उद्यम के रूप में विकसित होती है |इस उद्यम को घाटे या फायदे में लाने की जिम्मेदारी गांव की और गांव के हर परिवार की होगी |इसका साफ़ मतलब है की गांव की खेती सामूहिक रूप से होने लगेगी और इसके प्रबंधन और उत्पादन का जिम्मा कॉन्ट्रैक्ट पर गांव के ही लोगों को ही दे दिया जाता है |

कॉरपोरेट

मुनाफे में सरकार एक निश्चित टैक्स कट कर बचा मुनाफा गांव के किसानो में बाट दिया जाता है |फसलों की कीमत वहाँ की सरकार ने निश्चित कर दी जैसा भारत में सरकार ने एमएसपी है | 1983 तक चीन में 99 फीसदी खेती की जमीन परिवारों को कॉन्ट्रैक्ट पर दे दी गयी| इसमें इस बात का ध्यान रखा जाता है कि परिवार का आकार क्या है और उसमें कितने लोग श्रम करने में सक्षम हैं|ये सिस्टम कृषि की प्रवित्ति को सूट करता है |

चीन ने कैसे माहोल विकसित किया –

कॉरपोरेटइस सिस्टम से चीन में कृषि की आमदनी भी बढ़ी और नकदी फसल और अनाज का उत्पादन भी बढ़ा| सरकार ने ग्रामीण उद्योगों का भी विकास किया | लेकिन इसके लिए सरकार को बड़े जतन करने पड़े | सरकार ने गांव में ग्रामीण बज़ार लगवाये|जिससे किसान गांव में ही अनाज और पशुधन की बिक्री कर सके | शहरों में फ्री मार्किट उपलब्ध कराये जो की निजी और सरकारी दोनों थे | पूरा का पूरा सिस्टम सरकार ने बनाया | इससे चीन को लाभ तो मिला ही और औद्योगीकरण बढ़ा और कृषि उत्पादन भी इतना बढ़ गया चीन अपने खाद्य जरूरतों पर आत्मनिर्भर हो गया |चीन में चावल उन लोगों का मुख्या भोजन है |इस सुधार के बाद चीन में चावल का उत्पादन दुगना बढ़ा |अभी चीन इसमें कई सुधार भी कर रहा है |

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