खजूर खाने के फायदे क्या -क्या है ?

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खजूर

खजूर के पेड़ों की खेती सदियों से की जा रही है|खासतौर से मध्‍य पूर्व के देशों में तो खजूर हमेशा से भोजन का अहम हिस्‍सा रहा है. खजूर की खासियत यह है कि इसे आप फ्रेश भी खा सकते हैं और सुखाकर भी इस्‍तेमाल कर सकते हैं. एक खजूर की लंबाई तीन से सात सेंटीमीटर तक हो सकती है| जहां पके हुए खजूर का रंग गहरे पीले और लाल रंग का होता है वही सूखा खजूर ज्‍यादातर भूरे रंग का होता है| मिठास के आधार पर खजूर को तीन हिस्‍सों में बांटा जाता है- नरम खजूर, हल्‍का सूखा खजूर और पूरी तरह से सूखा हुआ खजूर हालांकि खजूर के ये तीनों प्रकार लगभग एक जैसे ही होते हैं लेकिन स्‍वाद और आकार में थोड़ा बहुत फर्क हो सकता है|

डाइजेशन सुधारे-

खजूर में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है जो आपके पाचन तंत्र की सफाई करने के काम आता है| अगर पाचन ठीक रहेगा तो कब्‍ज की श‍िकायत भी नहीं होगी| खजूर में मौजूद फाइबर आपके दिल को भी मजबूत और सेहतमंद बनाने का काम करते हैं. खजूर में पोटैश‍ियम भी होता है| जो हार्ट अटैक के खतरे को काफी हद तक टाल सकता है|

खजूर खाने से दिल दुरर्सत होता है –

खजूर में भरपूर मात्रा में मैग्‍नीश‍ियम पाया जाता है. मैग्‍नीश‍ियम में ज्‍वलनरोधी गुण होता है, जो हार्ट की बीमारी (खून का जमना आदि), गठ‍िया और अल्‍जाइमर जैसे रोगों को आपसे दूर रखता है|

हार्ट अटैक का खतरा 9 फीसदी तक कम कर देता है –

मैग्‍नीश‍ियम ब्‍लड प्रेशर को कंट्रोल करने का भी काम करता है खजूर में मौजूद पोटैश‍ियम अध‍िक ब्‍लड प्रेशर को कम करने का काम करता है|अमेरिकन जर्नल ऑफ क्‍लीन‍िकल न्‍यूट्रिश‍िन की एक रिसर्च के मुताबिक अगर कोई व्‍यक्ति एक दिन में 100 मिलीग्राम मैग्‍नीश‍ियम ले तो हार्ट अटैक का खतरा 9 फीसदी तक कम हो सकता है|

रेड ब्‍लड सेल्‍स और आयरन की कमी के चलते कई लोगों को एनीमिया की श‍िकायत हो जाती है. एनीमिया यानी कि शरीर में खून की कमी| खजूर में भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है| ऐसे में यह एनिम‍िया के उपचार का रामबाण इलाज है. लगातार खजूर का सेवन करने से शरीर में आयरन की कमी पूरी हो जाती है|

खजूर में वो सभी विटामिन होते हैं जो नर्वस सिस्‍टम के लिए जरूरी हैं| ये विटामिन नर्वस सिस्‍टम की कार्य प्रणाली को दुरुस्‍त रखते हैं. यही नहीं इसमें मौजूद पोटैश‍ियम दिमाग को अलर्ट और हेल्‍दी रखते हैं|

आयरन से भरपूर खजूर मां और होने वाले बच्‍चे दोनों के लिए बेहद उपयोगी है|खजूर में मौजूद पोषक तत्‍व यूट्रेस यानी कि गर्भाशय की मांसपेश‍ियों को मजबूती देने का काम भी करते हैं खजूर मां के दूध को भी जरूरी पोषक तत्‍व मुहैया कराता है साथ ही बच्‍चे की डिलीवरी के बाद होने वाली ब्‍लीडिंग की भरपाई भी करता है|

रोजाना खजूर खाने से न सिर्फ आंखें स्‍वस्‍थ रहती हैं, बल्‍कि यह रतौंधी के इलाज में भी कारगर है| रतौंधी से छुटकारा पाने के लिए खजूर का पेस्‍ट बनाकर उसे आंखों के चारों ओर लगाने से फायदा म‍िलेगा| आप चाहें तो खजूर खाकर भी रतौंधी से मुक्ति पा सकते हैं|

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