खतना से क्या समझते है –

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खतना

खतना एक सर्जिकल प्रोसेस-

खतना को अंग्रेजी भाषा में सर्कमसिज़म कहा जाता है। ये एक सर्जीकल प्रोसेस है। जिसकी मदद से लिंग के अगले हिस्से की चमड़ी को हटा दिया जाता है। इसे दुनिया की सबसे पुरानी सर्जिकल प्रक्रिया माना जाता है। ये दुनिया के लगभग एक चौथाई पुरषों को की जाती है। खतना आमतौर पर छोटे बच्चों या नवजात शिशुओं का ही किया जाता है।

लेकिन ऐसा नहीं है की एडल्ट लोगों को खतना नहीं हो सकता है उनका भी खतना किया जा सकता है। यदि खतना बचपन में किया गया तो इसके फायदे बहुत है और जोखिम कम है जबकि अगर एडल्ट होने पर खतना किया जाता है तो जोखिम ज्यादा होता है। पुरषों में कई धर्मो में खतना सांस्कृतिक उदेश्यों से किया जाता है। हालाँकि खतना कभी -कभी चिकित्सीय उदेश्यों से भी किया जाता है।

खतना क्यों किया जाता है –

खतना कई कारणों से किया जाता है जिसमे धार्मिक , सामाजिक और मेडिकल संबधी कारण मुख्या है। और कुछ मेडिकल परस्थिति में भी खतना किया जा सकता है।
1 – बेलेनाइटिस (लिंग का सूजन )
2 – फिमोसिस (इसमें लिंग की बाहरी चमड़ी पीछे नहीं जाती )
3 – पोस्थैटिस (शिसनमुंड में सूजन होना )
4 – लिंग पर घाव बनने

खतना से पहले की प्रक्रिया –

सबसे पहले स्वास्थ का अच्छे से परिक्षण होता है। जिसमे ये चेक किया जाता है की मरीज़ स्वस्थ है की नहीं। डॉक्टर आपको HIV का टेस्ट करने को भी कहता है। यदि आप कोई दवा या कोई सुप्प्लिमेंट ले रहे है तो आपको डॉक्टर को बता देना चाहिए। या आपको किसी भी दवा से एलेर्जी है तो ये आप डॉक्टर को बता दे। अगर आप ध्रूमपान करते है तो डॉक्टर आपको सर्जरी से पहले ध्रूमपान न करने की सलाह देंगे। क्योकि ध्रूमपान से सर्जरी के बात कुछ दिक्कते आती है। सर्जरी के दिन आपको एनीथिसिया दी जाती है इसलिए आपको उस दिन कुछ भी खाने से मना करते है।

खतना किन धर्मो में विशेष रूप से किया जाता है –

खतना या सुन्नत यहूदियों और मुसलमानों में एक धार्मिक संस्कार होता है इसमें लड़का पैदा होने के कुछ समय बाद उनके लिंग के आगे की चमड़ी निकाल दी जाती है। वैसे तो इसका संबंध किसी खास धर्म, जातीय समूह या जनजाति से हो सकता है, लेकिन कई बार माता-पिता अपने बच्चों का खतना, साफ-सफाई या स्वास्थ्य कारणों से भी कराते हैं वैज्ञानिकों का कहना है कि खतना किए गए पुरुषों में संक्रमण का जोखिम कम होता है क्योंकि लिंग की आगे की चमड़ी के बिना कीटाणुओं के पनपने के लिए नमी का वातावरण नहीं मिलता है।

लेकिन बहुत से लोगों का मानना है कि यह एक हिंसक कृत्य है और शरीर के लिए नुकसानदायक है।कुछ समुदायों जैसे कि यहूदियों और मुसलमानों के लगभग सभी पुरुषों का खतना किया जाता है। कुछ संस्कृतियों में पुरूषों का खतना पारगमन की रस्म के एक भाग के रूप में जन्म के कुछ ही समय बाद, बचपन में, या किशोरावस्था के आस-पास किया जाना अनिवार्य होता है। आमतौर पर यहूदी और इस्लामिक अनुयायियों में खतने का प्रचलन है।

खतना करने की आधुनिक पद्धतियां –

नवजात शिशुओं के खतने के लिये, आमतौर पर अवरोधक उपकरणों के साथ गॉम्को कीलक (Gomco clamp), प्लास्टिबेल (Plastibell) और मॉगेन कीलक (Mogen clamp) जैसे उपकरणों[66] का प्रयोग किया जाता है।

1 – प्लास्टिबेल (Plastibell) के साथ, जब एक बार शिश्न-मुण्ड मुक्त कर दिया जाता है, तो प्लास्टिबेल शिश्न-मुण्ड के पर रखी जाती है और अग्र-त्वचा को प्लास्टिबेल पर रखा जाता है। इसके बाद हेमोस्टैसिस (hemostasis) प्राप्त करने के लिये अग्र-त्वचा पर एक मज़बूत बन्ध लगाया जाता है और इसे प्लास्टिबेल के खांचे में बांध दिया जाता है। पट्टी से सर्वाधिक अंतर पर स्थित अग्र-त्वचा को पूर्ण रूप से काट कर फेंक दिया जाता है और हैंडल को प्लास्टिबेल उपकरण से तोड़कर हटा दिया जाता है। घाव भर जाने पर, विशिष्ट रूप से चार से छः दिनों में, प्लास्टिबेल शिश्न से नीचे गिर जाता है।

2 – एक गॉम्को कीलक (Gomco clamp) के साथ, त्वचा के एक भाग को एक हेमोस्टैट (hemostat) के साथ पृष्ठीय रूप से कुचला जाता है और फिर इसे कैंची से चीरते हैं। अग्र-त्वचा को कीलक के घंटी जैसे आकार वाले भाग के ऊपर लाया जाता है और कीलक की तली में स्थित एक छिद्र के माध्यम से प्रविष्ट किया जाता है। “अग्र-त्वचा को घंटी और आधार-प्लेट के बीच कुचलकर” कीलक को बांध दिया जाता है। कुचली हुई रक्त शिरायें हेमोस्टौसिस (hemostasis) प्रदान करती हैं। घंटी की चमकीली तली आधार-प्लेट के छिद्र में सख्ती से समा जाता है, ताकि आधार-प्लेट के ऊपर से अग्र-त्वचा को एक छुरी से काटा जा सके।

3 -एक मॉगेन कीलक (Mogen clamp) के साथ, अग्र-त्वचा को एक सीधे हेमोस्टैट (hemostat) के साथ पृष्ठीय रूप से खींचा और फिर उठाया जाता है। इसके बाद मोगेन कीलक को शिश्न-मुण्ड और हेमोस्टैत के बीच, परिमण्डल के कोण का पालन करते हुए, सरकाया जाता है, ताकि गॉम्को या प्लास्टिबेल खतने की तुलना में “एक बेहतर कॉस्मेटिक परिणाम प्राप्त किया जा सके और पेट की ओर से अत्यधिक त्वचा को हटाने से बचा जा सके”। कीलक को बंद किया जाता है और कीलक के सपाट (ऊपरी) छोर से त्वचा को काटने के लिये एक छुरी का प्रयोग किया जाता है।

वयस्कों का खतना अक्सर कीलकों के बिना किया जाता है और ऑपरेशन के बाद 4-6 हफ्तों तक हस्तमैथुन या संभोग से परहेज करना आवश्यक होता है, ताकि घाव पूरी तरह ठीक हो जाए।

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