कभी आपने सोचा है भारतीय पुलिस की वर्दी का रंग -खाकी क्यों होता है ?

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खाकी

 भारतीय पुलिस की वर्दी का रंग -खाकी क्यों होता है ?

भारतीय पुलिस की वर्दी का रंग खाकी होता है इसका रौब भी होता है | और दूर से ही देखने पे लगता है की पुलिस है वहाँ है | लेकिन आपको पता है की ये पहले से ही खाकी नहीं हुआ करती थी | पहले ये सफ़ेद हुआ करती है | लेकिन २४ ऑवर काम करने की वजह से वर्दी बहुत गन्दी हो जाती है | फिर तो कई पुलिस वाले वाले  वर्दी गन्दी ना दिखे उसके लिए कोई भी कलर लगवा लेते थे | जिससे सबकी वर्दी अलग -अलग लगने लगी थी | जिससे परेशान होकर सबकी वर्दी पे खाकी रंग की डाई करवा दी अंग्रेज अफसरों ने |

आखिर खाकी ही क्यों रखा गया ?

खाक का अर्थ मिटटी का रंग उसी से खाकी शब्द आया है |ये वर्दी का रंग होने के बाद वर्दी धूल -मिटटी -दाग कम दिखेंगे | सन १८४७ में सर हैरी लमस्डेन ने आधिकरिक तौर पे खाकी वर्दी अपनाया और उसी समय से पुलिस के वर्दी खाकी चली आ रही है |

सबसे पहले वर्दी किसने अपनायी-

आपको बताता चले की पहली आधुनिक पुलिस वर्दी लंदन पुलिस ने १८२९ में नील रंग का अपनाया था | नीला रंग इस लिए लिया गया | क्योकि उस समय इसे और फोर्सेज से अलग दिख सके | क्योकि उस समय ब्रिटिश आर्मी लाल और सफ़ेद रंग की यूनिफार्म हुआ करती थी |

समाज की विकास प्रक्रिया क्या है ?

समाज जब बना तो सब कुछ नहीं था हम यहाँ तक विकास करके पहुंचे है |और कहा जाता है की खाकी रंग भी अंग्रेजों ने ही खोजा है | ब्रिटिश ने बहुत कुछ लिया है तो बहुत कुछ दिया भी है |हम आज भी उनकी बनायीं हुए पुलों पे चल रहे | आपका क्या लगता है पहले ये फोर्सेस नहीं हुआ करती होंगी और होती भी होंगी तो उनका कोई यूनिफार्म नहीं हुआ करता होगा | उनका एकत्र होकर लड़ने की कला भी ना हुआ करती होगी | इसलिए कहा जाता है समाज सहज सतत विकास करता जा रहा है |

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