‘गुलाबो सिताबो’ पर क्यों मचा है हंगामा?

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गुलाबो सिताबो

‘गुलाबो सिताबो’ पर क्यों मचा है हंगामा?

सबसे पहले बता दे आपको की ये गुलाबो सिताबो फिल्म किसने बनायीं है | और इस फिल्म को किन लोगों ने अपने अभिनय से सजाया है | सुजीत सरकार ने ये फिल्म बनायीं है | और अमिताभ बच्चन और आयुष्मान खुराना ने इसे अपने अभिनय से सजाया है | अमिताभ और आयुष्मान खुराना पहले बार इस फिल्म में साथ काम कर रहे है | जूही चतुर्बेदी ने इसे लिखा है | इस मूवी का सेट लखनऊ में लगाया गया था | पहले ये फिल्म १७ अप्रैल २०२० को पुरे देश में रिलीज़ होने वाली थी | लेकिन लॉकडाउन की वजह से जो की २२ मार्च से भारत में लागु होने के कारण और बार -बार लॉकडाउन बढ़ने से इस फिल्म को अमेज़न प्राइम पे रिलीज़ प्लान बनाया |

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ये गुलाबो सिताबो सीधे -ओटीटी पे प्रदर्शित होगी –

इसकी वजह से सिनेमा घरों के मालिकों की जहाँ बीते दो महीनों से कोई कमाई नहीं हो रही है, वहीं अब उन्हें एक नई चुनौती का भी सामना करना पड़ रहा है| दरअसल अमिताभ बच्चन और आयुष्मान खुराना की सुजीत सरकार निर्देशित फ़िल्म ‘गुलाबो सिताबो’ को सिनेमाघर की जगह सीधे ओटीटी यानी वो ओवर द टॉप प्लेटफ़ॉर्म अमेज़ॉन प्राइम पर रिलीज़ करने का फ़ैसला किया गया है| यही कारण है कि सिनेमा घरों के मालिकों को यह डर सता रहा है कि अगर नई फ़िल्में सीधे ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म पर उतारी जाएंगी तो इन थिएटर्स को बंद करने की नौबत आ सकती है| फ़िल्म ‘गुलाबो सिताबो’ के अलावा विद्या बालन की फ़िल्म शकुंतला भी अमेज़ॉन प्राइम पर रिलीज़ की जा रही है|

सिनेमा ओनर्स ऐंड एक्सजीबिटर्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया क्या कहता है –

सिनेमा ओनर्स ऐंड एक्सजीबिटर्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के‌ अध्यक्ष नितिन दातार ने कहा, “हम कतई नहीं चाहते हैं कि फ़िल्में सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ हों| अगर उन्हें इस तरह का कदम उठाना भी था तो पहले हमारे साथ विचार विमर्श कर लेते| इस तरह बिना बताए निर्णय नहीं लेना चाहिए था |”

“जिस तरह से फ़िल्म निर्माताओं का फ़िल्मों में पैसा लगा हुआ है, एक्जीबिटर्स ने भी सिनेमाघरों में काफ़ी निवेश किया हुआ है| कोई भी बड़ा फ़ैसला करने से अच्छा होता अगर वो सबकी परेशानियों को समझते फिर वो चाहे पैसों को लेकर है या कोई वजह|पहले इस पर चर्चा करते फिर कोई फ़ैसला करते |”नितिन दातार कहते हैं, “एक्सजीबिटर्स और फ़िल्म इंडस्ट्री को सरकार से बात करनी चाहिए| छोटी बजट की फ़िल्मों में हम निर्माता को कमाई का 50 फ़ीसदी हिस्सा देते हैं |हमने निर्माताओं का इतना साथ दिया है| अब जब निर्माताओं का साथ देने का वक्त है तो वो अगर इस तरह का काम करेंगे तो हमें बहुत नुकसान होगा |”

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