घोड़े आखिर खड़े क्यों सोते है ?

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घोड़े

घोड़ा और इंसान दोस्त होते है –

घोड़ा इंसान का दोस्त माना जाता है | और आदिकाल से ही लोग घोड़ों को अपने पास रखते है और उनकी देखभाल करते थे | भारत में तो घोड़े को लेकर कई कहानी बनी यहाँ तक की घोड़े पे कविताये भी बनी | उसमे एक याद दिलाना चाहूंगा -जो राणा प्रताप के घोड़े को ‘चेतक’ को लेकर लिखी गयी थी -उसमे ये बोल भी थे -‘राणा प्रताप के घोड़े से पड़ गया हवा का पाला था ‘| घोड़े का प्रयोग पूरी दुनिया में होता आया है -युद्ध के लिए , माल धोने के लिए | ये बहुत ही उपयोगी जानवर है |और जलवायु के हिसाब घोड़े के रंग -रूप में भी परिवर्तन होता है | सबसे अच्छे नस्ल के अरबी घोड़े माने जाते है |

खड़ा सोना का क्या वैज्ञानिक कारण है –

घोड़ों को नींद बहुत कम आती है और इनकी नींद झपकियों में ही पूरी हो जाती है |और घोड़े के शरीर की बनावट ही ऐसी है की अगर घोड़ा लम्बे समय के लिए बैठे या लेटे तो बैठने की स्थिति में घोड़े के शरीर का पूरा वजन उसकी गर्दन और पेट के बीच के हिस्से पर पड़ने लगता है जिससे घोड़े के श्वसन तंत्र पर दबाव पड़ता है।ऐसे में सांस लेने में तकलीफ होने लगती है इसलिए घोड़ा थोड़ी ही देर में ही खड़ा हो जाता है।

घोड़े (2)

अगर कभी घोड़ा लम्बे समय तक लेटा रहे तो उसकी मौत भी हो सकती है| ये इसका एक वैज्ञानिक कारण है साथ ही साथ जंगली जानवरों के भय की वजह से भी घोडा लेट के नहीं सोता है क्योकि अगर जानवर हमला कर देंगे तो घोडा का शरीर भारी -भरकम होने की वजह से तुरंत खड़ा नहीं हो पायेगा |इसलिए वो खड़े -खड़े ही सोता है | और घोड़े के पैर की बनावट भी इसमें पूरा सहयोग देती है |

सोते हुए घोड़े गिरते क्यों नहीं है ?

एक पुरे दिन में घोड़े 4 घंटे सोते है और ये भी वो झपकियों में पुरे करते है | लेकिन लोगों का सवाल होता है की अगर घोडा खड़े सोता है तो गिरता क्यों नहीं है | मैं बताता हूँ क्योंकि इनकी हड्डियों को आपस में जोड़ने वाले लिगामेंट्स उनके जोड़ों को मनचाहे समय तक फिक्स कर देते हैं और ये लॉक सिस्टम उन्हें गिरने से बचाता है। ऐसा होने पर घोड़े आराम से खड़े-खड़े सो लेते हैं और उन्हें गिरने का डर भी नहीं रहता|

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