चमगादड़ : आखिर हर वायरस का घर क्यों है ?

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चमगादड़ (2)

चमगादड़ : कुछ ऐसी खासियतें-

किसी भी जानवर में कुछ ऐसी खासियतें होती हैं| जो उसे किसी वायरस का एक इंटरमीडिएट होस्ट बनने के लिए जरूरी होती हैं। जैसे की चमगादड़। जिनमें कोरोना वायरस रहता है |और लगातार अपने आपमें बदलाव करते हुए खुद को अधिक से अधिक घातक बना सकता है वायरस किसी जीव में जो खूबियां ढूंढ़ता है, उनमें ये चीजें शामिल हैं। सबसे पहले तो उस जीव की आयु लंबी होनी चाहिए। इस हिसाब से चमगादड़ अधिक से अधिक वायरसों के लिए एक अच्छा होस्ट बनता है।

एक चमगादड़ की सामान्य उम्र 16 से 40 साल के बीच होती है।साथ ही वायरस ऐसे जानवर चाहता है जो बहुत बड़ी संख्या में एक साथ रहते हों। ताकि वायरस खुद को तेजी से अधिक से अधिक फैला सके। यह खूबी भी चमगादड़ में होती है।वायरस के लिए जरूरी है कि उसके होस्ट जीव का क्लोज सोशल इंटरेक्शन हो। क्लोज सोशल इंटरेक्शन को आप बहुत करीब रहने और झुंड में रहकर ही खाने से समझ सकते हैं।वायरस की ग्रोथ के लिए जरूरी है कि उस जीव में उड़ने की अच्छी क्षमता हो ताकि एक बार में लंबी दूरी तय कर पाएं और वायरस को दूर-दूर तक फैलने में सहायता मिल सके।

चमगादड़

डेड एंड होस्ट क्या होता है –

मर्स वायरस भी चमगादड़ से ऊंट में आया और फिर ऊंट से इंसानो में लेकिन ये इंसानो के लिए ज्यादा ख़तरनाक नहीं था |और इंसानो में इसका ट्रांसमिशन ज्यादा समय तक नहीं टिक सका |और इसीलिए ह्यूमन को मर्स के मामले में डेड एंड होस्ट कहा जाता है जहा वायरस आके ख़तम हो गया |रही बात कोरोना की तो ये ह्यूमन में एडाप्ट हो गया है क्योकि ये एक सिंगल स्ट्रैंडेड RNA वायरस है इसलिए इसमें म्यूटेशन (जिनोम में होनेवाले परिवर्तन) बहुत अधिक होता है। यही कारण है कि कोरोना वायरस नए-नए होस्ट में जल्दी अडप्ट हो जाता है।

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