जब आपके फ़ोन में व्हाट्सप ही आपका जासूस बन जाये –

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व्हाट्सप

टेक्नोलॉजी के साथ बढ़ती मुश्किलें-

जब हम तरक्की कर रही है और दिनों दिन नयी टेक्नोलॉजी विकसित हो रही है | तो वो एक चुनैती भी अपने साथ लेके आते ही है | जब हर चीज बदल रही है तो हमे कानून में भी बदलाव करने की जरुरत है | पहले हम लोग अपने इमोशंस को या बात करने की जरिया के लिए पत्र का प्रयोग होता था | फिर तार , टेलग्राम फिर जाके तार वाला टेलीफोन आया | तब भी लोग जासूस करते थे | और फ़ोन टेप होता था | उसके लिए एक कानून बना है | जिससे भारत की एजेंसी आपके फ़ोन को टेप कर सकते है | उसको लेकिन बाकायदा स्टेट और सेंट्रेल से अनुमति लेनी पड़ती है | लेकिन हम धीरे -धीरे सेकण्ड जनरेशन से हम आज फोर्थ जनरेशन तक पहुंच गये | और कई सोशल साइट है | फेसबुक , व्हाट्सप , इंस्ट्राग्राम लोगों प्रयोग करते है |

तकनीकी बदली टैपिंग का तरीका भी बदला –

लेकिन अब इस एडवांस टेक्नोलॉजी में टैपिंग भी अलग तरह से हो रही है | अभी एक खबर आयी की व्हाट्सप के कई नंबर के फ़ोन की जासूसी की गयी है | और ये आंकड़ा दुनिया भर में १४०० है | और कुछ भारतीय नंबर की भी जासूसी हुई है | और इसका इल्जाम एक इजराइल पे बताया जा रहा है | जो किसी भी तरीके से आपके फ़ोन में मैलवेयर इंस्टाल करता है जिससे आपका फ़ोन आपके हाथ में या घर में रखे जैसे कैमरे की तरह काम करने लगेगा | आप हर गतिविधि की जानकारी उस शख्स हो जाएगी | आप कहा जा रहे है आप कहा हो आपने किसको क्या सन्देश भेजा है |

एक फ़ोन में व्हाट्सप में इस तरह के सॉफ्टवेयर कितने खतरनाक हो सकते है –

आपको ये घटना बताना जरुरी है की इस जासूसी का क्या परिणाम होता है २ अक्टूबर २०१८ को जमाल अहमद ख़ाशग़्जी या जमाल ख़ाशोगी सऊदी अरब के एक पत्रकार, लेखक एवं अल-अरब न्यूज़ चैनल के पूर्व महाप्रबंधक एवं प्रधान संपादक थे जिनकी इस्तान्बुल के सऊदी अरब वाणिज्य दूतावास पर 2 अक्टूबर 2018 को हत्या कर दी गई। और ये आरोप लगे थे की  इजराइल के इसी मैलवेयर को उनके फ़ोन में इंस्टाल किया गया था | आप सोच सकते है की आप के हर खबर अगर आपके अलावा किसी और को भी हो तो कितना ख़तरनाक हो सकता है |इसलिए हमे अपनी प्राइवेसी के लिए आवाज उठाना चाहिए |

हमे मिले निजता के अधिकार का सम्मान होना ही चाहिए –

ये जासूसी आपके व्हाट्सप कॉल के मिस कॉल से या आपको एक मेल करके भी करी जा सकती है | आपकी जानकारी किसी और को बेची भी जा सकती है | और इसीलिए जरुरी हो गया की भारत की सरकार साइबर लॉ के नयी कानून लाये | जिससे ये सब रोका जा सके | क्योकि हमारा सविधान ने हमे निजता का अधिकार दिया है |

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