जेफ़ बेजोस ने 4 मिनट के लिए क्यों खर्च कर डाले 4 खरब –

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जेफ़ बेजोस और ब्लू ओरिजिन –

जेफ़ बेजोस को कौन नहीं जानता है। दुनिया के सबसे अमीर शख्स है।बेजोस अमेज़न.कॉम के संस्थापक, अध्यक्ष, मुख्य कार्यकारी अधिकारी और अमेज़न.कॉम बोर्ड के अध्यक्ष हैं।दुनिया के सबसे अमीर शख्स जेफ बेजोस ही माने जाते है।जेफ़ की कुल संपत्ति 205 अरब डॉलर की है।आपको हम बताना चाहते है की जेफ़ का भी सपना था की एक दिन वो अंतरिक्ष में जाये और उस अनुभव को महसूस करे जो अंरिक्ष यात्री करते है।

उनका बहुत अच्छा कारोबारी तो माना ही जाता है।जेफ़ ने 2004 में ब्लू ओरिजिन नामक एक मानव स्पेस फ्लाईट नामक एक स्टार्टअप कंपनी की स्थापना की। और इसी कंपनी की जरिये वो अपना सपने को साकार किया है।इस यात्रा में बेज़ोस के साथ उनके भाई मार्क बेज़ोस, 82 साल की पूर्व पायलट वैली फ़ंक और 18 साल के छात्र ओलिवर डायमेन भी गए थे।ये सभी 10 मिनट और 10 सैकेंड के बाद पैराशूट के जरिए धरती पर वापस लौट आए।

बेजोस के हर मिनट के 550 मिलियन डॉलर –

जेफ बेजोस की ये अंतरिक्ष यात्रा बेहद की जल्दी खत्म हो गई और बहुत से लोगों के बीच इस बात को लेकर चर्चा होने लगी कि अरबपति ने आखिर इस सैर पर कितना पैसा खर्च किया है।बेजोस की कुल संपत्ति 205 अरब डॉलर की है. वहीं, बेजोस महज चार मिनट तक अंतरिक्ष में रहे, इसके लिए उन्होंने करीब 5.4 अरब डॉलर (लगभग4,01,94,76,50,000 रुपये) खर्च किए।यानी कि हर मिनट के लिए करीबन 550 मिलियन डॉलर।इससे उनकी संपत्ति पर तो कुछ खासा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन इसने एक नई बहस को जरूर जन्म दे दिया है।ये सभी लोग बेज़ोस की कंपनी ब्लू ओरिजन के अंतरिक्ष यान ‘न्यू शेफ़र्ड’ से रवाना हुए।ब्लू शेफ़र्ड को अंतरिक्ष पर्यटन को बढ़ावा देने के नज़रिए से डिज़ाइन किया गया है।न्यू शेफ़र्ड में बहुत बड़ी-बड़ी खिड़कियाँ हैं ताकि इसमें सवार सभी लोग अंतरिक्ष से धरती का ख़ूबसूरत नज़ारा कर सकें।

बेजोस और यात्रियों का अनुभव –

न्यू शेफ़र्ड ने भारतीय समयानुसार मंगलवार शाम 6:30 बजे के कुछ देर बाद अमेरिका के टेक्सस से उड़ान भरी।इसे जेफ़ बेज़ोस की निजी लॉन्च साइट वैन हॉर्न से एक रॉकेट के ज़रिए लॉन्च किया गया।उड़ान भरने के बस दो मिनट बाद कैप्सूल रॉकेट से अलग हो गया और सौ किलो मीटर ऊपर अंतरिक्ष की सतह तक गया।वहां पहुंचते ही कैप्सूल में सवार सभी अंतरिक्ष यात्रियों को ‘वाउ’ कहते सुना गया. सभी खुशी में चीख पड़े।

चारों यात्रियों ने करीब चार मिनट तक भार हीनता का अनुभव किया।उन्होंने अपनी सीट की पेटी खोली और हवा में तैरने का अनुभव किया।उन्होंने वहां से बहुत दूर दिख रही धरती को निहारने का मज़ा भी लिया।इस यात्रा में बेज़ोस के साथ उनके भाई मार्क बेज़ोस, 82 साल की पूर्व पायलट वैली फ़ंक और 18 साल के छात्र ओलिवर डायमेन भी गए थे।वैली अंतरिक्ष में जाने वाली सबसे उम्रदराज़ महिला और ओलविर सबसे कम उम्र के व्यक्ति बन गए।

अरबपतियों के अंरिक्ष रेस की क्यों हुई आलोचना –

पूरी दुनिया कोरोना से जूझ रही है। कई लोगों ने अपना जीवन खो दिया है और कई लोगों ने अपने लोगों को खोया है। और बहुत से गरीब देश है जहा पर वैक्सीनेशन नहीं हुआ। ऐसे समय में अरबपतियों को लोगों की मदद के लिए आगे आना चाहिए न कि अंतरिक्ष यात्रा पर पैसा खर्च करना चाहिए।कोरोनावायरस की वजह से दुनियाभर के मुल्क परेशान है। वहीं, लोगों को वैक्सीनेशन के जरिए ही सुरक्षित किया जा सकता है मगर कई मुल्कों में पैसे की कमी के चलते वैक्सीन खरीदने में परेशानी हो रही है।

लोगों का मानना है की जितने पैसे जेफ़ ने बेजोस के अंतरिक्ष यात्रा पर खर्च किए उन पैसे से अगर कोवैक्स को फंडिंग की गई होती तो करीबन 4 अरब डोज को खरीदा जा सकता था।

इसका सीधा मतलब ये है कि दुनिया की दो अरब आबादी को फुली वैक्सीनेट किया जा सकता था।इन वैक्सीनों को गरीब मुल्कों में भेजा गया होता, जहां लोग सबसे ज्यादा कोरोना से जूझ रहे हैं।वैक्सीनेशन के बाद लोगों को कोरोना से बचने में बड़ी मदद मिलती साथ ही महामारी को काबू में किया जा सकता था। इस लॉन्च को ‘अरबपतियों की स्पेस रेस’ का हालिया उदाहरण माना जा रहा है।जेफ बेज़ोस की ये फ़्लाइट पिछले हफ़्ते अरबपति बिज़नेसमैन सर रिचर्ड ब्रैनसन की कामयाब उड़ान के बाद हुई है।

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