जैक मा गायब:क्या जैक मा गायब हो गये है ?

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जैक मा गायब

जैक मा गायब और चीनी सरकार की आलोचना-

एशिया के सबसे अमीर समहू में शामिल जैक मा को कौन नहीं जानते है |’जैक मा गायब’ है जब से हर जगह हलचल मची हुई है |चीन के सबसे अमीर व्यक्ति हैं एशिया की दूसरी सबसे अमीर व्यक्ति हैं और एक सेवानिवृत्त चीनी व्यापार थैलीशाह, निवेशक, राजनीतिज्ञ और परोपकारी है। वह एक बहुराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी समूह , अलीबाबा ग्रुप के सह-संस्थापक और पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष हैं । मा एक खुली और बाजार संचालित अर्थव्यवस्था का एक मजबूत प्रस्तावक है ।पिछले दो महीनों से वे किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नहीं देखे गए हैं। दरअसल, जैक मा ने पिछले साल अक्टूबर महीने में किसी मुद्दे पर चीनी सरकार की आलोचना की थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके बाद से ही जैक मा की कोई सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज नहीं हुई है।

जैक मा जब न दिखे अपने शो में –

जैक मा के बारे में रहस्य तब और बढ़ गया, जब वे अपने टैलेंट शो के फाइनल एपिसोड में भी नहीं दिखाई दिए। मा की जगह इस एपिसोड में अलीबाबा के एक अधिकारी ने अपनी उपस्थिति दर्ज करायी थी। अलीबाबा के प्रवक्ता के अनुसार, मा अपने व्यस्त कार्यक्रम के चलते इस एपिसोड में भाग नहीं ले पाए थे।’जैक मा गायब’ या और कुछ |

हालांकि, कार्यक्रम की वेबसाइट से मा की तस्वीर हटने के बाद रहस्य और गहरा गया। जैक ने अक्टूबर -2020 में चीन की सरकार के कुछ फैसले पर आपत्ति जताया था |उन्होंने शंघाई के बैंको को भी भला -बुरा कहा था |उन्होंने कहा था की ये नवाचार को दबाने का काम कर रहे है |इनके इस अभिभाषण के बाद चीन पर काबिज़ सरकार ने उनकी आलोचना की थी | मा के एंट ग्रुप सहित कई कारोबारों पर असाधारण प्रतिबंध लगाए जाने शुरू हो गए थे।जैक मा के आईपीओ के निलबन के बाद से ही वो किसी भी सार्वजानिक कार्यकम में नहीं दिखे |’जैक मा गायब’ है |

चीन में 2016 से 2017 के बीच कई अरबपति गायब हो गये | क्योकि चीन में कुख्यात भ्रष्टाचार विरोधी अभियान चला रखा था | कई तो उसमे से दुबारा नहीं लौटे और जो लौटे भी वो उन्होंने कहा की वो सरकार से बात कर रहे थे | फोर्ब्स पत्रिका की दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों में दुनिया में 21 वें स्थान पर है।उनका इस तरह न दिखना भी’जैक मा गायब’ एक आश्चर्य की बात है और ये खबर एक चिंगारी की तरह फ़ैल रही है |

जैक मा का शुरआती जीवन –

मा का जन्म 10 सितंबर 1964 को हांग्जो , झेजियांग, चीन में हुआ था। उन्होंने हांग्जो इंटरनेशनल होटल में अंग्रेजी बोलने वालों के साथ बातचीत करके कम उम्र में अंग्रेजी का अध्ययन शुरू किया। वह नौ साल तक अपनी अंग्रेजी का अभ्यास करने के लिए क्षेत्र के पर्यटकों को पर्यटन देने के लिए अपनी साइकिल पर 70 मील की दूरी तय करेगा। वह उन विदेशियों में से एक के साथ पेन पल्स बन गए , जिन्होंने उन्हें “जैक” उपनाम दिया क्योंकि उन्हें अपने चीनी नाम का उच्चारण करना कठिन लगता था।जैक मा के अलावा इनका नाम मा युन है|नौकरी न मिलने के बाद जैक मा ने अपना संघर्ष जारी रखा और सन 1998 में अलीबाबा की स्थापना की|

जैक मा गायबKFC में भी नौकरी की जैक मा ने –

जैक मा ने करियर की शुरुवात काफी चुनौतीपूर्ण रही | जैक मा ने 30 अलग अलग जगहों पर नौकरी के लिए आवेदन किये लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी | जैक माँ सबसे पहले एक पुलिस की नौकरी के लिए आवेदन किया था लेकिन उनके डील डौल को देखकर उन्हें साफ मना कर दिया | इसके बाद वो एक बार KFC में भी नौकरी के लिए जब KFC पहली बार उनके शहर में आया था | इस नौकरी के लिए 24 लोगो ने आवेदन किया था जिसमे से 23 लोगो को चयन हो गया लेकिन एकमात्र जैक मा का चयन नही हुआ था | इससे पता चलता है कि जैक मा ने अपने करियर की शुरुवात में कितनी ठोकरे खाई थी |

जैक मा गायब1994 में जैक मा ने पहली बार इन्टरनेट का नाम सूना | 1995 की शुरवात में वो अपने दोस्तों की मदद से अमेरिका गये जहा उन्होंने पहली बार इन्टरनेट देखा | जैक मा ने इससे पहले कभी इन्टरनेट नही चलाया था , उन्होंने जब पहली बार इन्टरनेट चलाया तो उन्होंने “beer ” शब्द खोजा | उन्हें Beer से संबधित कई जानकारी अलग अलग देशो से प्राप्त हुयी लेकिन वो ये देखकर चौक गये कि उस सर्च में चीन का नाम कही नही था | अगले बार उन्होंने चीन के बारे में सामान्य जानकारी ढूंढने की कोशिश की लेकिन फिर वो चौक गये कि चीन को कोई जानकारी इन्टनेट पर उपलब्ध नही थी |

अलीबाबा कैसे बना चीन का अमेज़ॉन –

जैक मा गायबअमेज़न और ईबे की बिक्री को मिला दें तो भी अलीबाबा इन पर भारी पड़ता है और इसके पीछे दिमाग है अलीबाबा के मालिक जैक मा का|चीन में विदेशी कंपनियों को काम नहीं करने दिया गया जिसका फायदा अलीबाबा के साथ साथ बाइदू और टेनसेंट जैसी कंपनियों को हुआ लेकिन अलीबाबा ने बीते पंद्रह सालों में कुछ ख़ास किया हैचीन का गूगल या चीन का अमेज़न बनने के साथ ही जैक मा ने अपनी कंपनी के ज़रिए वो टूल्स बनाए जिससे चीन के लोग सुरक्षित और सस्ती खरीदारी कर सकें|इसके बाद कंपनी ने अपने फ़ायदे के लिए चीन की इंटरनेट राजनीति का भरपूर इस्तेमाल किया|उन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं को विश्वास दिलाया कि कंपनी किसी भी तरह से पार्टी के ख़िलाफ नहीं है|

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