टिकटोक ऐप पे अमेरिका का स्टैंड राजनितिक के आलावा क्या आर्थिक है ?

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टिकटोक ऐप

टिकटोक ऐप पे अमेरिका का स्टैंड राजनितिक के आलावा क्या आर्थिक है ?

टिकटोक ऐप धीरे -धीरे बहुत ज्यादा ही प्रसिद्धि की ओर बढ़ रहा है | और इसने म्यूजिक ऐप  के क्षेत्र क्रांति ला रखा है | पिछले साल से लेकर अब तक टिक -टोक ७५० मिलियन टाइम्स डाउनलोड हुआ है | जबकि वही फेसबुक ७१५ मिलियन टाइम्स और ४५० मिलियन टाइम्स इंस्टाग्राम , ३०० मिलियन टाइम्स यूट्यूब डाउनलोड हुआ है | आप इसी अंदाज़ लगा सकते है कितनी तेज़ी से टिक-टोक इस क्षेत्र में बढ़ रहा है |टिक -टोक को छोड़ के सभी अप्लीकेशन यूनाइटेड स्टेट ऑफ़ अमेरिका के है |

फेसबुक के सीईओ क्यों चिंतित है –

टिक -टोक एक चीन की कंपनी है |जिसकी वजह से कुछ अमेरिकन इसके लेकर परेशान है की कही इसपे चीन की मोनोपोली न हो जाये | यहाँ तक फेसबुक के सीईओ मार्क ज़ुकेरबर्ग इससे चिंतित दिखाई दे रहे है | और टिक-टोक की तरह फेसबुक शार्ट वीडियो शेयरिंग ऐप लाने की तैयारी कर रहा है |हुआवेई के केस में भी यूनाइटेड स्टेट ऑफ़ अमेरिका ने ऐसा ही करने की कोशिश की है | क्योकि जब भी कोई कंपनी किसी देश में अपने ऐप  लांच करते है तो वहाँ के नियम -कानून को पालन करते ही है | सब देशों का अपना साइबर कानून होता है |

क्या वास्तव में टिक -टोक सुरक्षा के लिए खतरा है –

अमेरिका कह रहा है की टिक-टोक उनकी गोपनीय जानकारी हासिल कर सकता है | वो कह रहे है की इससे यूनाइटेड स्टेट ऑफ़ अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है | लोगों का कहना है  टिक -टोक की ग्लोबली सफलता से यूनाइटेड स्टेट ऑफ़ अमेरिका को दिक्कत है और ये सब करके वो इसे वो प्रभावित करना चाह रहा है |और ये अच्छा वर्ताव नहीं है अमेरिकन कंपनी का अपने प्रतिदून्दी के साथ और इसके भी अपने राजनितिक माईने है |जिस तरह हुआवेई को उन्होंने लक्षित किया था | अब ;लगता है टिक -टोक उनका दूसरा लक्ष्य है |और किस तरह अमरीका सुरक्षत्माक निति अपना रहा है अपनी कंपनी के लिए और स्वतंत्र बाजार को राजनितिक निर्णय लेकर नियत्रित कर रहा है |

अमेरिका को सोचना चाहिए की उसके बहुत से सोशल साइट चल रहे है जैसे फेसबुक , अगर कोई कंट्री बिना कोई सबूत के फेसबुक को टारगेट करे ये ठीक नहीं है | अमरीका बाजार का इंटरनेट बाजार स्थिर हो चूका है | और इसिलए अमेरिकन प्रतिदून्दी टिक -टोक को अपना रहे है | क्योकि इन्हे इसमें कुछ नया दिख रहा है | चीन के इंटरनेट बाजार में इधर लगातार परिवर्तन दिख रहा है | बड़ी -बड़ी कंपनी आ रही है है | जैसे अलीबाबा ,बैदु ,टेनसेंट जो चीन के इंटरनेट मार्किट को बूस्ट कर रहा है |यूनाइटेड स्टेट ऑफ़ अमेरिका नहीं चाहता की ये हो |

विश्य का सबसे मजबूत देश अपनी सुरक्षा के लिए कह रहा है वो भी एक म्यूजिक ऐप से | इसके राजनितिक मायने है और वो अपने इंटरनेट और अपनी कंपनी अपनी टेक्नोलॉजी के लाभ को सुरक्षा प्रदान करने की कोशिश कर रहा है | इस अप्प्रोच को अमेरिकन कैसे देखते है और वहाँ की कमपनी कैसे देखते है इसके बड़े मायने है | अगर ऐसा ही चलता रहा तो अमेरिकन कंपनी असमान्य प्रयोग कर सकते है यहाँ तक वो कोई नया तकनीक नहीं खोज सकेंगे इस विश्य बाजार में |

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