पक्षी का मल क्यों होता है सफ़ेद ?

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पक्षी का मल

पक्षी का मल त्यागना एक क्रिया है –

पक्षी का मल के बारे में अपने शायद ही गौर किया होगा |लेकिन आपको समझना होगा की विज्ञानं हर जगह मौजूद होता है और आप इससे पीछा नहीं छुड़ा सकते है|दुनिया में जो भी प्राणी है वो भोजन करते है तो मल भी त्याग करेंगे|ये ऐसी प्रक्रिया है चाहे कोई खास हो आम हो ये क्रिया जरूर करता है|इसलिए आपको इसके बारे में बात करने में कोई शर्म नहीं होना चाहिए |

आपने कभी भी सोचा की आप कभी खुले में खड़े होते है तो कभी -कभार पक्षी आप पर मल कर देते है |लेकिन अपने ये नहीं सोचा होगा की आखिर ये सफ़ेद ही क्यों होता है |दुनिया भर के जानवरों, मनुष्यों द्वारा उत्पन्न अधिकांश मल भूरे रंग का होता है। इसके अलावा हम सभी ने देखा है कि आसमान से गिरने वाला अधिकांश पक्षी का मल सफेद होता था।कही -कही तो इस तरह जब पक्षी आप पे मल त्याग दे तो उसे शुभ भी माना जाता है|चलिए ये बातें तो जुदा है |अपने टॉपिक्स पर हम आते है और आपको बताते है की क्यों पक्षी सफ़ेद ही मल त्याग करता है |पक्षी का मल सफ़ेद क्यों होता है|

पेशाब न करना उनके मल के सफ़ेद होने कारण तो नहीं –

पक्षी स्तनधारियों के विपरीत है इसका मतलब स्तनधारी नहीं है |उनके लिए अलग -अलग स्थान नहीं है यूरिन और मल त्यागने के लिए |स्तनपायी पशुओ के मुत्र मे पाया जाने वाला एक मिश्रण जो घुलनशील, रंगहीन और स्फुटमय होता है जबकि यह यूरिक एसिड होता है जो मानव मूत्र के बराबर है। स्तनधारियों की तरह, पक्षियों की किडनी रक्तप्रवाह से कचरे को निकालती है,लेकिन क्योंकि पक्षी पेशाब नहीं करते हैं।यह कचरा मूत्र (जो की यूरिक एसिड होता है) में यूरिया के रूप में अलग-अलग निकलने के बजाय मल के साथ जुड़ जाता है।

जब यह यूरिक एसिड पक्षियों के आंत्रिक पथ (Intestinal tract) में और अधिक ठोस अपशिष्ट पदार्थ (solid waste) के साथ मिल जाता है,तब यह एसिड घुल जाता है और मल सफेद हो जाता है।क्योंकि यह दोंनो चीजे एक ही समय में विभिन्न प्रणालियों से निष्कासित होती है,लेकिन उनके पास घुलने का ज्यादा समय नहीं होता है, कारण यही है कि पक्षी के मल में आमतौर पर काला और सफेद रंग होता है। हालांकि कुछ खाद्य सामग्री के कारण भी मल का रंग अलग हो सकता है।

शुतुरमुर्ग पक्षी ही ऐसा है जो कुछ अलग है –

कुछ पक्षी डायनासोर से आये है और आपको जान कर हैरानी होगी की की डायनासोर भी एक ही रस्ते से यूरिन और मल त्यागते थे |लेकिन सभी पक्षी एक ही रस्ते से एक ही समय दोनों क्रिया नहीं करते इसके भी उदहारण है |शुतुरमुर्ग ऐसा ही है |ये उड़ान रहित पक्षी है।इसकी गर्दन और पैर लंबे होते हैं और ये आवश्यकता पड़ने पर यह 70 कि॰मी॰/घंटा की अधिकतम गति से भाग सकता है |अन्य वर्तमान जीवित पक्षियों के विपरीत शुतुरमुर्ग पेशाब और मल का त्याग अलग-अलग करता है।शुतुरमुर्ग पक्षिओं की सबसे बड़ी जीवित प्रजातियों मे से है और यह किसी भी अन्य जीवित पक्षी प्रजाति की तुलना में सबसे बड़े अंडे देता है।हमारा काम है की अक्सर आपके दिमाग पर बल पड़े जिससे आप भी खोजी बने और ऐसे कई रहस्य है जिसे आप जानना चाहे |

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