पीसा की मीनार-‘लीनिंग टावर ऑफ़ पीसा’ क्यों कहा गया ?

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पीसा की मीनार

पीसा की मीनार -एक वास्तुशिल्प का अद्भुत नमूना-

कहा जाता है आपके अंदर अगर लचीलापन है तो आप किसी भी परिस्थति में बने रह जाते है | इसका साफ़ मतलब ये है की किसी भी परिस्थति में ढल जाते है |लेकिन कभी -कभी ये सही भी होता है और गलत भी होता है |झुकाव से कभी साहिर्दयता का भाव भी झलकता है |हम यहाँ बात कर रहे है -पीसा की मीनार की जो थोड़ा झुकी है जिसके कारण उसे ‘लीनिंग टावर ऑफ़ पीसा’ भी कहा जाता है |
पीसा की मीनार

इस मीनार को वास्तुशिल्प का अद्भुत नमूना माना जाता है और जब से ये बनी है लगातार नीचे की ओर झुकती रही है |इसलिए ये पुरे दुनिया में ये मशहूर है ऐसे ही चलता रहा तो ये एक दिन गिर न जाये |पीसा की झुकी हुई मीनार वर्ष 1173 में बननी शुरु हुई थी लेकिन इस मीनार को पूरा करने में 200 साल लगे|यह ऊध्वार्धर से 5 मीटर से भी अधिक झुकी है|कुछ वर्ष पहले मीनार को गिरने के ख़तरे की वजह से बंद कर दिया गया था।11 साल तक बंद रहने के बाद दिसंबर 2001 में इसे फिर खोल दिया गया था|

पीसा की मीनार को स्थायित्व देने की योजना –

पिछले दस साल से एक विशेष परियोजना चल रही थी जिसका मक़सद ‘लीनिंग टावर ऑफ़ पीसा’ को स्थायित्व देना था। इसके तहत टावर के उत्तर से ज़मीन से 70 टन मिट्टी खोदी गई ताकि इसे सीधा खड़ा किया जा सके| जब ये काम ख़त्म हो गया तो टावर लगातार सीधा खड़ा होता नज़रआने लगा| सात साल बाद अब ये टावर 48 सेंटीमीटर सीधा हुआ है| इंजीनियरों का कहना है कि पहली बार ये मीनार अब बिल्कुल स्थिर है| वास्तुशिल्पा का नमूना जब 20वीं सदी में मीनार का निर्माण चल रहा था तो कामगारों को लगने लगा था कि ये एक तरफ़ झुक रही है|

पीसा की मीनार

कामगारों ने इसे ठीक करने की कोशिश की लेकिन पूरी तरह तैयार होने के बाद भी मीनार थोड़ी सी झुकी हुई ही थी| बाद में मीनार की नींव में और मीनार के अंदर एक हाईटेक कैमरा लगाया| इससे पता चला है कि लीनिंग टावर ऑफ़ पीसा का झुकना बंद हो गया है| इस कार्यक्रम की निगरानी करने वाले अधिकारी कहते हैं कि अगले कम से कम दो सौ साल तक मीनार स्थिर रहनी चाहिए| दुनिया भर में हज़ारों लोग इस मीनार को देखने के लिए पीसा आते हैं|

ये मीनार कहा स्थित है -इसका निर्माण क्यों हुआ था ?

इटली में छोटा सा शहर है पीसा वहीं है ये मीनार जिसके आसपास कई इमारतें हैं जो एकदम सीधी है और वहीं उनके बीच टेढ़ी-सी ये इमारत वाक़ई बड़ी आश्चर्यजनक लगती है|1173 में पीसा एक अमीरों का शहर था, वहाँ के लोग अच्छे नाविक थे और व्यापारी भी – और ये लोग जाते थे येरूशलम, कार्थेज, स्पेन, अफ़्रीका, बेल्जियम और नॉर्वे तक| पीसा के लोगों और एक दूसरे इतालवी नगर फ़्लॉरेंस के लोगों का छत्तीस का आँकड़ा था, दोनों ने कई युद्ध लड़े थे और फ़्लोरेंस के लोगों को नीचा दिखाने और अपना बड़प्पन साबित करने के लिए ही ये विशाल मीनार बनाने की शुरुआत पीसा में हुई|इसको पहले वास्तुशिल्पी थे -बोनानो पीसानो|इसके निर्माण के 12 साल में ही लगने लगा था की ये थोड़ी झुकी है |

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