पुरुषों के कई जूतों में छेद क्यों होते हैं आखिर क्यों ?ऐसे ही कुछ सवाल –

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पुरुषों के कई जूतों छेद इस तरह के कई सवाल –

पुरुषों के कुछ लेदर के जूते देखेंगे तो आप पाएंगे की उसमे छेद साफ़ दिखाई देते।लेकिन आपने ये जानने के कभी कोशिश नहीं की आखिर ऐसा क्यों होता है।क्योकि दुनिया में कोई भी काम यूँ ही नहीं किया जाता है।सबका कुछ न कुछ कारण होता है।इसके पीछे पूरी एक ख्याल होता है। हम अपने दैनिक जीवन में कई आम चीज़ों का इस्तेमाल करते हैं या कई चीज़ों को बार-बार टीवी पर या इंटनरेट पर देखते हैं, लेकिन उनके पीछे की कहानी पर हमारा ध्यान नहीं जाता है।आज इसी तरह के कई कारणों से हम आज आपको अवगत करवाएँगे।

Male के कई जूतों में छेद क्यों –

इस प्रकार के पुरुषों के जूते 17वीं शताब्दी में आयरलैंड और स्कॉटलैंड के मवेशी पालनेवालों द्वारा पहले इस्तेमाल किए गए।वे दलदली जगह पर काम करते थे।उनके जूते जल्दी सूख जाएं, इसलिए वो पुरुषों के जूते में छोटे-छोटे छेद कर देते थे। बाद में इस चीज़ को डिज़ाइन के तौर पर ले लिया गया और आज ऐस पुरुषों के जूतों का काफ़ी चलन है।

सार्वजनिक स्थानों पर दरवाज़ों के हैंडल ज़्यादातर पीतल के क्यों होते हैं?

आप जब किसी होटल या बड़े रेस्त्रो में जाते हो तो आपने ये जरूर देखा होगा की दरवाजे के हैंडल पीतल के होते है ऐसा इसलिए, क्योंकि पीतल बैक्टीरिया, वायरस और अन्य सूक्ष्मजीवों से बचाव का काम कर सकता है। यही कारण है कि अधिकतर सार्वजनिक स्थानों पर दरवाज़े के हैंडल पीतल के बने होते हैं।

फ़ुटबॉल रेफ़री लाल और पीले रंग का कार्ड का उपयोग क्यों करते हैं?

फ़ुटबॉल बहुत लोकप्रिय खेल है इसके कई खिलाडी तो बहुत बड़े स्टार है लेकिन आपने कई बार टीवी पर या लाइव फ़ुटबॉल मैच में रेफ़री द्वारा लाल या पीले कार्ड का उपयोग करते ज़रूर देखा होगा।क्या आपको पता है ऐसा करना क्यों और कब से शरू हुआ? दरअसल, 1966 में, अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच एक मैच के दौरान अर्जेंटीना का एक फ़ुटबॉल खिलाड़ी (Antonio Rattin) जर्मन रेफरी Rudolf Kreitlein के शब्दों को समझ नहीं पाया, क्योंकि उसे जर्मन भाषा नहीं आती थी।इसके बाद उसे फ़िल्ड से निकाल दिया गया।

जब उसे बाहर जाने का आदेश दिया जा रहा था, वो वहां चुपचाप खड़ा था। मैच देख रहे दर्शक भी समझ नहीं पा रहे थे कि अंदर क्या चल रहा है।इस घटना के बाद वर्ल्ड कप रेफ़री प्रमुख Ken Aston ने पेनल्टी के लिए स्पष्ट तरीक़े की बात की और लाल-पीले कार्ड का उपयोग करने का सुझाव दिया।

फ़ूड आइटम के पैकेट पर लाल और ग्रीन निशान क्यों बने होते है –

जब आप कोई फ़ूड आइटम खरीदने जाते हो तो आपने गौर किया होगा उनके पैकेटों पर छोटे से ब्लॉक जैसा किसी पे ग्रीन तो किसी पे रेड निशान बने। आपने सोचा कभी की ऐसा क्यों ?क्योकि आपको बता दें कि अगर खाद पदार्थ पर हरा निशान बना है तो यह शाकाहारी खाना है। और लाल निशान बना है तो यह एक मांसाहारी भोजन है।आपको बता दें कि जो खाद पदार्थ मांसाहारी और शाकाहारी के बीच मे आते है जैसे कि अंडा।ऐसे खाद पदार्थ पर ब्राउन निशान बना होता है।

आपको बता दें कि इन सभी निशानों की शुरुआत खाद्य सुरक्षा और मानकों पैकेजिंग और लेबलिंग विनियमन 2011 के तहत शरू करि गयी थी और इसके बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं। आपको बता दें कि इस योजना के अनुसार बाजार में खाने पीने का जो भी सामान मिलता हैं उसपर यह निशान बना होना अनिवार्य है।आपको बता दें कि इन निशान को पैकेट के लेवल के पास होना जरूरी है ताकि लोग आसानी से जान पाए कि यह प्रोडक्ट मांसाहारी है या फिर शाकाहारी है।हम आपसे यही कहना चाहते हैं कि अगर आपको भी हमारी यह जानकारी पसंद आई हैं तो ज्यादा से ज्यादा लाइक, शेयर और कमेंट करने की कोशिश करे।

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