प्रतीक गाँधी -रील का हर्षद मेहता

0
298
प्रतीक गाँधी

प्रतीक गाँधी हर्षद को जिवंत करने वाला अभिनेता –

आजकल हर्षद मेहता पर बनी फिल्म बहुत ही चर्चा में है |पहले तो हर्षद मेहता पर बनी ये फिल्म सच्चे घटनाओं पर आधारित है एक इंसान के फर्श से अर्श पर पहुंचने की कहानी है | इतना अच्छा ड्राफ्ट और प्रतीक गाँधी की एक्टिंग की हर जगह चर्चा हो रही है |प्रतीक ने लगता है की हर्षद मेहता को जिवंत कर दिया है ये चरित्र निभा कर | उनका टेढ़ा मुस्कराना भी गज़ब है | उनके चलने का स्टाइल उनके बोलने का स्टाइल सब का गज़ब की प्रस्तुति दी है प्रतीक गाँधी ने |भारत इतना बड़ा देश है यहाँ प्रतिभा की कमी नहीं है यहाँ हर तरह के रीजन के लोग है |लेकिन आपने या हममे से से कम लोग ही स्कैम 1992 से पहले प्रतीक के बारे में सुना होगा | आये आज प्रतीक गाँधी को जानते है |

प्रतीक गाँधी (3)

हंसल मेहता की खोज -प्रतीक

प्रतीक गांधी का जन्म सूरत, गुजरात में हुआ था। उनके माता-पिता जो शिक्षक थे। उन्होंने सूरत में अध्ययन किया जहां वह थिएटर कला में शामिल थे। वह डॉक्टर बनना चाहते थे, लेकिन स्कूल में कम ग्रेड के कारण महाराष्ट्र में औद्योगिक इंजीनियरिंग का विकल्प चुना। उन्होंने स्नातक किया और दिन में रिलायन्स इण्डस्ट्रीज में इंजीनियर के रूप में काम करने लगे और शाम को थिएटर करने लगे। उन्होंने सातारा और पुणे में राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद के साथ काम किया और बाद में मुंबई में एक बहुराष्ट्रीय निगम के लिए भी काम किया।

प्रतीक का नाटक से फिल्मो की तरफ रुझान –

इनको फिरोज भगत, अपरा मेहता, विप्रा रावल के साथ एक गुजराती नाटक आ प्यार के पेले पार में काम करने का अवसर मिला। यह नाटक व्यावसायिक रूप से सफल रहा। उन्हें गुजराती रंगमंच के एक अन्य कलाकार मनोज शाह के साथ भी अभिनय करने का मौका मिला। उन्हें गुजराती फिल्म बे यार में एक भूमिका मिली जो व्यावसायिक रूप से सफल रही। उन्होंने कई हिट नाटकों जैसे मेरे पिया गए रंगून, हू चंद्रकांत बख्शी के साथ-साथ अमे बढ़ा साठे तो दूनिया लाइये माथे जैसे थिएटर में काम करना जारी रखा, जिसमें उन्होंने कई भूमिकाएँ निभाईं।

मोहन का मसाला के लिए उनका नाम लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स में भी शामिल है; इसमें उन्होंने एक ही दिन में तीन भाषाओं, अंग्रेजी, हिंदी और गुजराती में एक मोनोलॉग का प्रदर्शन किया था। उन्होंने रोंग साइड राजू में मुख्य भूमिका निभाई, जो व्यावसायिक रूप से सफल भी हुई। इस फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ गुजराती फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीता।

शिक्षक का बेटा -एक्टिंग का बाप –

प्रतीक गाँधी (2)प्रतीक के माता -पिता दोनों शिक्षक है और प्रतीक की एक बेटी भी है जिसका नाम मिराया है |इन्होने टेलीविजन और थिएटर अभिनेत्री भामिनी ओझा से 2009 में शादी की थी| प्रतीक एक सिंपल कद काठी वाला अभिनेता है और जिसने दिखा दिया की फिल्म में केवल एक्टिंग ही प्रभावी होती है | जबकि हर्षद के चरित्र के लिए प्रतीक को वजन भी बढ़ाना पड़ा | प्रतीक की एक्टिंग में कही भी कभी भी ऐसा नहीं लगा की वो अभिनय कर रहे है |हर्षद मेहता की भूमिका के लिए प्रतीक गाँधी को खूब लोकप्रियता मिली | अगर आपने अभी तक हर्षद मेहता पर बनी ये चर्चित फिल्म नहीं देखी है तो जरूर देखकर आये |

आप इसे पढ़ना भी पसंद कर सकते हैं:-बराक ओबामा की गाने की पसंदीदा सूची में एक भारतीय का गाना-

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here