प्लास्टिक सर्जरी:सुंदरता को भी अपना गुलाम बनाना

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प्लास्टिक सर्जरी

प्लास्टिक सर्जरी और सुन्दर बनने के चाह-

कई सालों से ही लोगों में हमेशा सबसे सुन्दर बनने या दिखने की चाह रही है | प्लास्टिक सर्जरी ने इसमें सहयोग दिया है | सामाजिक तौर पर भी आप कही देखंगे की सुन्दर लोगों को सम्मान और कई तरह के प्रीबिलेज़ मिलते है | क्योकि भारतीय समाज की संरचना ही ऐसी है |और कहे की मानव की प्रवित्ति भी ऐसी है | जो हमेशा से सुन्दर चीजें के प्रति आकर्षित रहा है |सुंदरता बोध की बात करे तो -समाज की संरचना के हिसाब से वैसी ही रेखाएं या कहे मापदंड खींच दिए गये है |अगर आप उसमे फिट बैठते है तो आप सुन्दर है नहीं तो नहीं |इसलिए सुन्दर होने या बनने की चाह उतना पुरषों में देखने के लिए मिलती है जितना की महिलाओं में |

प्लास्टिक सर्जरीप्लास्टिक सर्जरी और कॉस्मेटिक सर्जरी –

इसलिए बहुराष्ट्रीय कम्पनिया गोरा होने के बहुत सी क्रीम भारतीय बाज़ारों में उतार रखा |कई तरह के उत्पाद है या कहे की अरबो रूपए लगे है इस कॉस्मेटिक इंडस्ट्री में |कई तरह के भ्रामक प्रचार भी होते रहते है | लेकिन अब बात करते है सुंदरता की चाह रखने वालों के लिए अगले पड़ाव है -प्लास्टिक सर्जरी| प्लास्टिक सर्जरी से आशय ये नहीं है की आप समझे प्लास्टिक का इसमें कोई प्रयोग है | आपको बताते है ये प्लास्टिक शब्द जो है एक ग्रीक ‘प्लास्टिकोज़ ‘ शब्द है से बना है जिसका अर्थ होता है सांचे में ढालना या अकार देना |

प्लास्टिक सर्जरीकिसी भी उम्र और किसी भी समुदाय के लोग करवा सकते है-

प्लास्टिक सर्जरी किसी भी उम्र और किसी भी समुदाय के लोग करवा सकते है |इससे आशय इतना ही नहीं है की व्यक्ति के बाहरी रंग और रूप और बनावट को बेहतर बनाया जाता है |उदहारण के लिए नोज़ जॉब , ब्रैस्ट अंगमेंटशन ,टम्मी टक ये सब सिर्फ और सिर्फ प्लास्टिक सर्जरी का एक हिस्सा है जिसे कॉस्मेटिक सर्जरी कहते है |प्लास्टिक सर्जरी में पुनर्निर्माण सर्जरी भी शामिल होती है जिसका आशय बस इतना है की अगर आपका कोई एक्सीडेंट हो जाये और उसमे कोई अंग क्षतिग्रस्त हो जाये होठ के कट -फट जाये विकलांगता आ जाये ऐसी विकृति को दूर करने के लिए ये सर्जरी की जाती है |प्लास्टिक सर्जरी में बस तंत्रिका -तंत्र से जुडी त्रुटि को छोड़कर जन्मजात दोष या जलने के निसान सब पे काम करती है |

प्लास्टिक सर्जरी कितने प्रकार की होती है –

जैसा मैंने ऊपर आपको बताया की आपके उद्देश्य के हिसाब से प्लास्टिक सर्जरी दो तरह की होती है |
1 – पुनर्निर्माण सर्जरी
2 -कॉस्मेटिक सर्जरी

प्लास्टिक सर्जरी1पुनर्निर्माण सर्जरी –ये सर्जरी इसलिए होती है जिससे शरीर के किसी भी हिस्से की मरम्मत की जा सके |ये सर्जरी बहुत ही कॉमन है |मरम्मत करके उसको उसके काम लायक बनाया जा सके |इससे आपके बाहरी रंग -रूप बेहतर हो जाते है |इसके अंतर्गत आने वाले सर्जरी -जन्मजात समस्या – जैसे -कटा हुआ तालु ,कटा -फटा होठ ,जन्म चिह्न को हटवाना ,चेहरे से जुड़े विकारो को सही करना ,हाथ से जुड़े त्रुटि जैसे अतिरिक्त ऊँगली या अंग के साथ पैदा होना |

2 -कॉस्मेटिक सर्जरी- इस सर्जरी का मुख्य उद्देश्य शरीर को सुन्दर और आकर्षक बनाना होता है|इसमें कई तरह की सर्जरी होती है जैसे नाक को पुनः अकार देना , स्तन की अकार को बढ़ाना या कम करना शरीर के किसी भी हिस्से के अतरिक्त फैट को हटाना और अनचाहे बालों को हटाना |इस सर्जरी में शरीर के किसी भी हिस्से को पुनः आकर देते है जिससे इंसान का आत्मविश्वास बढ़े|

सर्जरी की जटिल प्रक्रियाएं –

स्किन ग्राफ्ट भी एक प्रोसेस है और उसके भी कई रूप है –

स्किन ग्राफ्ट जो प्रक्रिया है इसे ऐसे समझ सकते है की इसमें शरीर के एक हिस्से से त्वचा का टुकड़ा लिया जाता है और उसे किसी क्षतिग्रस्त हिस्से में लगाया जाता है |शरीर के जिस हिस्से ये टुकड़ा लिया जाता है उसे डोनर एरिया कहा जाता है |ये प्रक्रिया किसी भी घाव को सही करने के लिए की जाती है | ये कई प्रकार का होता है |

प्लास्टिक सर्जरी1 -ऑटोग्राफ्ट -इसमें एक हिस्से से त्वचा का टुकड़ा लेकर दूसरे हिस्से की मरम्मत की जाती है |2 -आइसोग्राफ्ट – इसमें अनुवांशिक रूप से त्वचा का टुकड़ा ले सकते है जैसे -जुड़वाँ बच्चों के |
3 -एलो ग्राफ्ट -इसमें किसी भी व्यक्ति से त्वचा का टुकड़ा ले लिया जाता है ये जलने में प्रयोग होता है लेकिन लगने वाले व्यक्ति को कभी -कभी ये इम्यून सिस्टम स्वीकार नहीं करता है |
4 -जेनो ग्राफ्ट – इसमें त्वचा का टुकड़ा या ग्राफ्ट किसी भी जीवाणु से लिया जाता है जैसे सुवर ,गाय और मछली |ये लेकिन अस्थायी होता है |
ज्यादातर ग्राफ्ट सही है लेकिन एलो ग्राफ्ट और जेना ग्राफ्ट में कई समस्या आती है क्योकि इसमें ग्राफ्ट किसी दूसरे व्यक्ति और जीव से लिया जाता है |

उत्तकों का विस्तार और सर्जरी

उत्तकों का विस्तार या टिशू एक्सपेंसन ये भी एक प्रक्रिया है जिसमे आपके के शरीर में ही अतिरिक्त त्वचा उत्पन्य करने लगते है और फिर शरीर के दूसरे जगह इसे ट्रांसप्लांट किया जाता है |इसमें त्वचा का मूलभूत प्रवित्ति का इस्तेमाल किया जाता है |ताकि दबाव में वो हिस्सा फ़ैल न सके |जो भी सर्जन होते है वो क्षितिग्रस्त हिस्से के नीचे ही टिसू एक्सपैंडेर डाल देते है और इसमें एक थैली होती है |

प्लास्टिक सर्जरीजिसे डॉक्टर सलाईन सोलुशन से भरते जाते है |टिशू एक्सपैंडेर का निर्माण ऐसे किये जाते है |वह इस हिस्से पर सही से फिट हो जाये |अगर ज्यादा स्किन की जरुरत होती है तो डॉक्टर एक से ज्यादा टिशू एक्सपैंडेर उस हिस्से पर इन्सर्ट कर सकते है | एक्सपैंडेर का आकार घाव के अकार पर निर्भर करता है |स्तन पुनर्निर्माण टिशू एक्सपैंशन का एक प्रकार ही है |

फ्लैप सर्जरी –

इस सर्जरी में स्किन के किसी हिस्से से एक पट्टी से काटा जाता है और फिर उसको स्किन के दूसरे हिस्से में रीप्लान्ट किया जाता है |कटी हुई स्किन में अपनी खून की सप्लाई होती है |यही चीज अपनी स्किन ग्राफ्ट से अलग करती है |

प्लास्टिक सर्जरीलेज़र सर्जरी –

ये सर्जरी बहुत ही लोकप्रिय है |ये एक कॉस्मेटिक सर्जरी है जिससे – झुरिया , किसी तरह के निशान और मुहासे और सन स्पॉट और स्किन में किसी भी रक्त कोष्ठक समस्या आदि के इलाज के लिए ये सर्जरी बहुत ही उपयोगी है |स्किन पर बने टैटू भी हटाने के लिए लेज़र तकनिकी का सहारा लेने पड़ता है |सर्जरी के कई साइड इफ़ेक्ट होते है इसलिए डॉक्टर से जरूर सलाह ले |

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