फर्श पे सोने वाला लड़का कैसे बना गूगल का सीईओ ?

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सुंदर पिचाई एक शख्स या शख्शियत-

सूंदर का जन्म वर्ष 1972 में चेन्नई (तब के मद्रास) में हुआ था । उनका परिवार दो कमरों के एक मकान में रहता था।उसमें सुंदर की पढ़ाई के लिए कोई अलग कमरा नहीं था। इसलिए वे ड्राइंग रूम के फर्श पर अपने छोटे भाई के साथ सोते थे। घर में न तो टेलीविजन था और न ही कार| लेकिन पिता के इंजीनियर होने का उन्हें फायदा मिला और पिता ने उनके अंदर तकनीकी के लिए इंट्रेस्ट भर दिया | और उन्होंने १७ साल की उम्र में ही भारत के सबसे चर्चित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी में दाखिला हो गया | और यही से उनकी जिंदगी को दिशा मिल गयी |

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वो अपने हर समेस्टर के टॉपर रहे और यहाँ डिग्री पूरी होते ही इन्हे स्कॉलरशिप मिल गयी | जिससे ये अमेरिका चले गए |आईआईटी से निकलने के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। विभिन्न कंपनियों में काम करते हुए उन्होंने कोई 11 साल पहले गूगल में नौकरी शुरू की | गूगल में सूंदर पिचाई के साथी कहा करते थे की इनसे प्रभावित हुए बिना कोई नहीं रह सकता |
गूगल का सीईओ बनने से पहले माइक्रोसाफ्ट के सीआईओ बनने की रेस में भी पिचाई का नाम शामिल था लेकिन बाद में उनकी जगह सत्य नडेला को चुना गया।बीच में ट्विटर ने भी उनको अपने पाले में करने का प्रयास किया था लेकिन जानकारों के मुताबिक, गूगल ने 10 से 50 लाख मिलियन डालर का बोनस देकर उनको कंपनी में बने रहने पर सहमत कर लिया|

सूंदर पिचाई मिली कितनी सैलरी की दुनिया के नज़र में आ गयी –

गूगल की मातृ कंपनी अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई को 1720 करोड़ रुपये का पैकेज मिलेगा। इसमें 1706 करोड़ रुपये (240 मिलियन डॉलर) के शेयर और 14.22 करोड़ रुपये का सालाना वेतन शामिल है। पिचाई का नया वेतन पैकेज जनवरी 2020 से लागू होगा। उनके वेतन में करीब 200 फीसदी का इजाफा हुआ है। यह सर्च इंजन गूगल में अब तक किसी भी सीईओ को दिया गया सबसे बड़ा पैकेज है।
पिचाई को अगले तीन साल में यह राशि तब मिलेगी जब वह अपने सभी लक्ष्य को पूरा कर लेंगे। अगर एस एंड पी 100 इंडेक्स में अल्फाबेट का प्रदर्शन अच्छा रहता है तो पिचाई को 639 करोड़ रुपये (90 मिलियन डॉलर) और मिलेंगे। पिचाई को पिछले महीने ही इस नौकरी के लिए चुना गया था जब गूगल के को-फाउंडर्स लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन ने अपने पद छोड़ दिए थे। उनको गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट का भी सीईओ बनाने का ऐलान 4 दिसंबर को हुआ था।

सूंदर पिचाई के शख्सियत में गौर करने वाली बातें –

तेज याददाश्त : करीबी लोग 1984 के भूले हुए टेलीफोन नंबर पूछते हैं तो सुंदर आज भी बता देते हैं और तो और उन्होंने गूगल को और भी ताकत दी | जिससे उन्हें अल्फाबेट कंपनी के सीईओ बना दिया गया और भरी -भरकम सैलरी दी गयी |

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