पैदा हुए बच्चे की जरूरते और स्वास्थ-

0
767
बच्चे की जरूरते

बच्चे की जरूरते और बदलता परिवार –

जब भी किसी के घर में पहला बच्चा पैदा होता है तो प्रायः लोगों को पता नहीं होता है की बच्चों के पालन -पोषण में क्या -क्या जरूरते होंगी | नया दौर है और एकाकी परिवार का प्रचलन बढ़ा है जिससे कई विसंगतियां व्याप्त है क्योकि पहले बडा परिवार होने की वजह से घरों महिलाओं की संख्या भी ज्यादा होती थी जिससे बच्चों बच्चे के पालन -पोषण में लोगों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता था |बच्चे की जरूरते और स्वास्थ का अच्छे से ख्याल भी हो जाता था |

क्योकि महिलाओं पहले से ही अनुभवी रहा करती थी | महिलाओं की संख्या ज्यादा होने से कामों का बटवारा भी सरल हो जाया करता था | और किसी पे भी ज्यादा बोझ नहीं पड़ता था | बच्चों का विकास भी अच्छे से हो जाया करता था |लेकिन अब एकाकी परिवार का प्रचलन होने से माता -पिता को ही बच्चे का पूरा भरण -पोषण करना है |जिससे तकनिकी और बाजार में भी इस तरह के आइटम मौजूद है जिससे एकाकी परिवार में बच्चों के पालन -पोषण आसानी से हो सके |

शिशु के लिए साफ़ -सफाई और माँ का दूध

बच्चे के जन्म के समय बच्चे का माँ के साथ स्किन तो स्किन कांटेक्ट होना जरुरी है |आप अपने डॉक्टर से कहे की शिशु को आपके पास रखे | और शिशु के अकेली की जिम्मेदारी केवल माँ की ही नहीं है इसमें पिता की सहभागिता भी उतनी ही जरुरी है | क्योकि पहले बच्चे के समय आपको माता -पिता के आलावा दादा -दादी या नाना -नानी की भी सहायता ले सकते है | अगर आपके पास पैसे है तो पेड नर्स की सेवा भी अस्पताल से ले सकते है |

शिशु को कैसे गोद में उठाना और कैसे उसे माँ का दूध पिलाना है शिशु की साफ़ -सफाई कैसे करनी है | शिशु में कोई गंभीर बीमारी का लक्षण तो नहीं दिख रहा है इसका पूरा ध्यान देना है |आपको ये भी पता होना चाहिए की शिशु के शरीर का तापमान कैसे नापना है शिशु बहुत ज्यादा रो रहा है तो उसे कैसे चुप कराना है | ये सब जानकारिया आप के पास होनी चाहिए | इन चीजें में डॉक्टर और नर्स आपकी मदद कर सकते है |

बच्चे की जरूरते (6)वो जरुरत की चीजें जो शिशु के लिए उपयोगी है –

जब आप अस्पताल से निकलेंगे तो शिशु की जरुरत की चीजें आपको चाहिए होंगी क्योकि अस्पताल में कई तरह की सुविधा होती है लेकिन घर आने पे आपको शिशु का ख्याल रखना है |कौन -कौन सी चीजें जो शिशु के लिए बहुत आवश्यक है एक पूरी श्रेणी दी जा रही है |

1 – शिशु की सबसे पहले दो चीजें की चिंता करने की जरुरत है पहला शिशु के खाने का ख्याल और दूसरा जो बहुत ही जरुरी है उसके मल त्यागना | आजकल बाजार में कई ऐसे उत्पाद आ गये है जिससे ये चीजें आसान हो गयी है इधर डाइपर का चलन बढ़ा है तो आप भी बाजार से अधिक का धिक् डाइपर का वंदोबस्त कर लीजिये |

लेकिन इस चीज में एक चीज का ख्याल रखियेगा |ज्यादा समय तक डाइपर पहनने से बच्चों को रैशेस पड़ जाते है |क्योकि बच्चों के स्किन बहुत ही सॉफ्ट होती है इसलिए जरुरत पड़े तभी ज्यादा समय तक के लिए बच्चों को डाइपर पहना के रखियेगा |

2 – शिशु के लिए कपडे के 5 सेट और साथ में आरामदायक टोपी भी जरुरी है |शिशु को लपटने के लिए सॉफ्ट कपडा या कम्बल भी जरुरी है |

3 – ब्रेस्ट पंप – ये एक तरह का पंप होता है जिससे माँ का दूध निकल कर फिर बच्चे को बॉटल या स्पून से देते है | क्योकि शुरवात में बच्चे ब्रेस्ट से दूध नहीं पीना जानते है या उन्हें इससे जोड़ने में दिक्कत होती है |

4 -बेबी के लिए बॉटल की भी आवश्यकता है जिसमे निप्पल बहुत ही मुलायम हो और उस बॉटल को साफ़ करने वाले औजार नहीं रखना आवश्यक है |

5 -शिशु के मल को साफ़ करने के लिए आजकल बाजार में कई तरह के बेबी वाइप्स आ रहे है जिससे बच्चों की सफाई बहुत आसान हो जाती है और आप भी ज्यादा गंदे नहीं होता | वाइप्स भी एक जरुरी चीज है जिसे आपको लेकर रखना है |

6 – डॉक्टर की सलाह पर डाइपर से पड़े रैशेस के लिए कोई क्रीम भी रखना चाहिए |

7 -शिशु के लिए पालना और शिशु को नहलाने के लिए बेबी टब भी जरुरी है|

बच्चों को दूध कैसे पिलाये –

बच्चे की जरूरते (4)विश्व स्वास्थ संघठन की माने तो बच्चों को कम से कम 6 महीने तक माँ का ही दूध ही पिलाना चाहिए |इससे माँ और बच्चा दोनों ही स्वस्थ रहते है |इसलिए बहुत जरुरी है की नयी माँ बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग कराए |लेकिन कोई माँ अगर hiv से संक्रमित है तो वो बच्चे को दूध न पिलाये |कभी कभी माता को उतना दूध नहीं होता तब भी लोग बच्चों को बोतल से दूध पिलाते है ये गाय क दूध होता है |इसे फार्मूला मिल्क भी कहा जाता है | लेकिन माँ का दूध जितना गुणकारी होता है बच्चों के लिए उतना ये दूध फायदेमंद नहीं होता है |

बच्चों के संकेत जब उन्हें भूख लगी है पहचाने –

बच्चे की जरूरते (7) शिशु को जब भूख लगती है तो वो कई तरह के संकेत देते है जिसे आपको अच्छे से देखना होगा |जिससे आप उनकी आवश्यकता को समय से पूरी कर सकेंगी |चाहे आप अपना दूध पिलाये या बॉटल से गाय का ये संकेत आपके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है जैसे -जब भी बच्चे को भूख लगेगी तो -रोयेगा या कई तरह की आवाजे निकलेगा या फिर अपना अंगूठा चूसेगा ये कुछ संकेत हैजो बच्चा देगा | आप उस हिसाब से उसकी आवश्यकता का ख्याल रख सकती है | वैसे भी शिशु को हर तीन घंटे पर दूध पिलाना पड़ता है और जैसे -जैसे बच्चे बड़े होते है दूध पीने का टाइम और मात्रा बढ़ जाती है |

बच्चों और उनकी डकार का महत्व –

बच्चे की जरूरते (2)होता क्या है शिशु जो है दूध पीते वक़्त हवा भी अंदर ले लेते है और इसलिए जरुरी है की शिशु को डकार आये जिससे आपको पता चलेगा की उसका पेट भरा है की नहीं |क्योकि शिशु का पेट भी भरना बहुत जरुरी है |इसलिए कई मताये शिशु को दूध पिलाने के बाद कई टिप्स अपनाती है जिससे शिशु को डकार आ जाये |

1 – बच्चे को सर और गर्दन सीधा रखते हुए सीधा खड़ा रखे |जिससे डकार आ जाती है |
2 -बच्चे के पीठ पर थपकी देने से भी डकार आती है |
3 -शिशु डकार नहीं ले रहा है तो उसकी स्थति को बदले |
4 -बच्चे को हिलने वाली चेयर पर बैठने से भी डकार आती है |

आप इसे पढ़ना भी पसंद कर सकते है:-कीटो डाइट ने क्या एक भारतीय अभिनेत्री की जान ले ली ?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here