बिना हैडफ़ोन के सीधे दिमाग से बजेगा संगीत ?

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बिना हैडफ़ोन

बिना हैडफ़ोन कैसे बजेगा संगीत ?

एलन मस्क एक जाना पहचाना नाम है ये अपनी टेस्ला मोटर कम्पनी से जाने जाते है और अभी ये स्पेस x कम्पनी के भी सीईओ है |साउथ अफ्रीका में जन्मा एलन मस्क आज के दौर में अमेरिका का एक दिग्गज कारोबारी , अविष्कारक है | किसी समय फोर्ब्स ने उन्हें दुनिया शक्तिशाली 21 लोगों में जगह दी थी | एलन मस्क ने कहा है की उनकी एक फर्म Neuralink एक ब्रेन इंटरफ़ेस विकसित कर रही है जिसकी मदद से संगीत सीधे दिमाग में स्ट्रीम कर सकेगा और बिना हैडफ़ोन के आप संगीत सुन सकेंगे |

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एलन मस्क का ये विचार एक जिज्ञासा पैदा करता है ये एक ब्रेन इंटरफ़ेस दिमाग में मौजूद न्यूरॉन्स को उत्तेजित करेगा जिससे संगीत मनुष्य के दिमाग तक पहुंचे | दिमाग एक फंक्शन है जैसे आप को जब चोट लगती है तो कुछ तरंगे दिमाग तक पहुँचती जिससे आपको एहसास होता है की आपको दर्द हो रहा है |शरीर के फंक्शन दिमाग से जुड़े रहते है | यह मनुष्य के दिमाग से मशीनों को कनेक्ट करने के लिए ऊंचे बैंडविथ के इंटरफेस को विकसित कर रहे है |

कान की सुनने वाली मशीन की तकनिकी से इसे समझे –

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इसको आप ऐसे समझ सकते है जब लोगों की सुनने की क्षमता खतम हो जाती है तो कान के लिए एक सुनने की मशीन आती है | आपको बता दें कि जब कान में ध्वनि घुसती है तो वो सबसे पहले संवेदक कोशिकाओं द्वारा प्राप्त होती है। ये कोशिकाएं देखने में छोटे बालों जैसी होती हैं इसलिए इसे ‘हेयर सेल’ कहा जाता है। बता दें कि ये सेल ध्वनि तरंगों को इलेक्ट्रिक सिगनल में बदकर नसों के जरिए ब्रेन को पहुंचाने का काम करते हैं। यानि आवाज को पहचानने के लिए ये सेल सबसे जरूरी हैं। और एलन मस्क ने बताया की एक व्यक्ति के दिमाग से हजारों इलेक्ट्रॉड्स कनेक्ट किए जा सकते हैं| उन्होंने बताया की एक चिप बन रही है जो की पूरी कंप्यूटर होगी और उसे ब्रेन में इम्प्लांट किया जाएगा| एक इंच की इस चिप को 28 अगस्त को प्रदर्शित की जाएगी |

ये चिप कैसे जोड़ेगी आपको

यह चिप हजारों माइक्रोस्कोपिक थ्रेड से जुड़ी होगी। मस्क ने दावा किया कि इस ब्रेन कम्प्यूटर इंटरफेस टेक्नोलॉजी की मदद से कई तरह की न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का इलाज आसानी से किया जा सकता है। साथ ही यह डिवाइस लकवाग्रस्त और रीढ़ की चोट के इलाज के लिए वरदान साबित होगी। न्यूरालिंक टेक्नोलॉजी इंसानों के दिमाग में ‘अल्ट्रा थिन थ्रेड्स’ के जरिए इलेक्ट्रॉड्स इम्प्लांट करने से संबंधित है।ये इंसान की दिमाग की स्किन में चिप के जरिये जुड़े होंगे | और ये चिप पॉड से लिंक होगी | जो आपके कानो के पीछे लग जाएगी |ये पूरी तरह वायरलेस तकनिकी से दिमाग के अंदर की जानकारी सीधे स्मार्टफोन या फिर कम्प्यूटर में दर्ज होगी। अब जब व्यक्ति को जो गाना सुनने का मन करेगा वो बजने लगेगा |अब हमे भी 28 अगस्त का इन्तजार है |

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