मुछे :जिन्हे इतिहास ने याद रखा –

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मुछे

मुछे या मुस्टैच एक परम्परा –

मुछे से मतलब मूछों से है |पूरी दुनिया में ऐसी बहुत से शक्सियत ऐसी हुई जिनकी मूच्छे को उनके नाम जैसा ही प्रसिद्धि मिली |मूंछे तो पहले पुरषों को गहना बनाया जाता रहा है |इंग्लिश में मूछों को ‘मुस्टैच ‘ कहा जाता है |ये एक फ्रेंच शब्द है और ये एक इटालियन शब्द से बना है |पहले के समय में मूछों को होना इसका आशय एक परिपक्वता को दर्शाता था | इसका सीधा से मतलब था की शादी की उम्र हो गयी है |मूछों पर बहुत जगह लोग गर्व भी करते है और कई जगह ये परम्पराओं में भी है | लेकिन यहाँ आपको उन मूछों के बारे में बताने जा रहे है जो इतिहास में सदा याद किये जायेंगे या जाते रहेंगे |

अडोल्फ हिटलर की मुछे –

मुछेहिटलर का नाम सभी जानते है जिनको दुनिया का सबसे क्रूर शासक और निरंकुश शासक के तौर पर जाना जाता है |इनकी मुछे भी अलग स्टाइल की थी | अपर लिप के थोड़े से हिस्से को लिए हुए है |इसे ‘टूतब्रुश मुछे ‘ कहा जाता था | अडोल्फ हिटलर अपने सवरने के लिए जाना जाता था | इस टूथब्रश मुछ में नाक के ठीक नीचे एक छोटा सा हिस्सा बहुत थिकर होता था और बाद में ये हिटलर मुछ के नाम से भी प्रसिद्ध हुआ था |लेकिन विश्वयुद्ध दुतिय लोगों के बीच हिटलर मुछ की प्रसिद्धि घटी और लोग इससे बचना चाहते थे | लेकिन ये मुछ भी इतिहास में जगह बनाने में कामयाब हो गयी | निश्चित रूप से मानव जाति के इतिहास में होंठ के ऊपर के बालों के उदाहरणों में सबसे प्रसिद्ध है, हिटलर की मूंछें। चार्ली चैपलिन और इनकी मूंछ एक जैसी ही लगती हैं।

क्लार्क गेबल की मुछ –

मुछेविलियम क्लार्क गेबल एक अमेरिकी फिल्म अभिनेता थे, जिन्हें अक्सर “हॉलीवुड के राजा” के रूप में जाना जाता है। 37 साल तक चलने वाले करियर के दौरान कई विधाओं में 60 से अधिक चलचित्रों में उनकी भूमिकाएँ थीं, जिनमें से तीन दशक अग्रणी पुरुष के रूप में थे।क्लार्क गैबल की मूंछ के साथ तुलना नहीं किया जा सकता। होंठ से थोड़े छोटे और पतली मूंछ इन पर परफेक्ट लगती थी।क्लार्क गैबल की मूंछ हॉलीवुड की सबसे पॉपलुर मुछे में जानी जाती है |इनके मुछे ‘पेंटर ब्रश’ जैसी प्रतीत होती थी | इनके चेहरे पर ये मुछ बहुत शोभा बढ़ाती थी |

एम्ब्रोस बर्नसाइड की मुछे और साइडबर्न-

मुछेजनरल एम्ब्रोस बर्नसाइड एक राजनेता और आविष्कारक थे, और ‘साइडबर्न’ शैली के जनक भी थे। इनकी मूंछें गाल से होकर कान की तरफ रहती थी।ये पक्ष मूंछ के लिए जाने जाते थे |इनके मुछे की स्टाइल ये थे की पुरे चेहरे के बाल गाल से होते हुए जुडी होती थी |साइडबर्न जो नाम है इनके नाम से भी लिया गया है |साइडबर्न चेहरे के बालों का एक जाना-पहचाना रूप है|साइडबर्न मर्दानगी का एक स्थायी प्रतीक बन गया था उस समय |आज के दौर इसी प्रचलन बहुत बढ़ा हुआ है |

ग्रौचो मार्क्स

जूलियस हेनरी “ग्रूचो” मार्क्स एक अमेरिकी हास्य अभिनेता, अभिनेता, लेखक, मंच, फिल्म, रेडियो और टेलीविजन स्टार थे। उन्हें आमतौर पर त्वरित बुद्धि का स्वामी माना जाता है और अमेरिका के सबसे महान कॉमेडियन में से एक है।कोई कभी यह कोई सोचा नहीं था कि एक सिगार और मूंछ इस तरह प्रभाव डालेगी। इसके लिये विनोदी अमेरिकी फिल्म स्टार और हास्य अभिनेता ग्रौचो मार्क्स को दिल से धन्यवाद करना चाहिए।ग्रौचो मार्क्स एक मनोरंजक के तौर पर प्रसिद्ध थे और उनके इस काम में उनके नाक ,आईब्रो और उनके मुछे का भी योगदान था |

साल्वाडोर डाली-डाली मुस्टैच

मुछेसाल्वाडोर डाली के चेहरे के बाल उनकी पेंटिंग शैली से मेल खाते हैं। दोनों अति यथार्थवादी हैं, थोड़ी डरावनी लेकिन रचनात्मक हैं। इस कारण वे हमेशा चर्चा में बने रहें।चित्रक चित्रकार और मूर्तिकार ये कार्य उनके थे |डाली मुस्टैच इनकी स्टाइल बहुत चर्चित हुई |इनके मरने के बाद 2017 में इनकी लाश निकाल कर डीएनए कलेक्ट किया गया |उन्हें पता चला सके कि उनकी मूंछें हमेशा बरकरार क्यों रहती थी है|

कार्ल मार्क्स –

मुछेमूंछ और क्रांति को लेकर कोई बात कहनी हो तो कार्ल मार्क्स का नाम लिया जा सकता है। ना केवल मूंछ बल्कि बड़े दाढ़ी के लिए भी इनको याद कर सकते हैं।कार्ल मार्क्स जर्मन दार्शनिक, अर्थशास्त्री, इतिहासकार, राजनीतिक सिद्धांतकार, समाजशास्त्री, पत्रकार और वैज्ञानिक समाजवाद के प्रणेता थे।इनका पूरा नाम कार्ल हेनरिख मार्क्स था।कार्ल मार्क्स न सिर्फ एक महान चिंतक थे बल्कि वह एक स्टाइलिस्ट भी थे| उन्होंने उस वक्त ही इंसान के आधुनिक जीवन की अहम आर्थिक समीक्षा की और मार्क्स ने कहा कि आर्थिक दबाव के चलते इंसान “आखिरकार आपसी रिश्तों को व्यावहारिक नजरों से देखने के लिए बाध्य होंगे ” दार्शनिक मार्क्स के मुताबिक पूंजीवाद और पुर्नजागरण के बीच एक खामोश रिश्ता बनेगा|

विलियम होवर टाफ्ट-

मुछेविलियम होवर टाफ्ट संयुक्त राज्य अमरीका के राष्ट्रपति थे।इनकी हैंडलबार मुछे थी जो एक हैंडलबार मूंछें विशेष रूप से लंबी और ऊपर की ओर घुमावदार छोरों वाली मूंछें होती हैं। इन मूंछों की शैलियों को एक साइकिल के हैंडलबार्स से मिलता जुलता नाम दिया गया है। इटैलियन पुरुषों के साथ अपने रूढ़िवादी जुड़ाव के कारण इसे स्पेगेटी मूंछों के रूप में भी जाना जाता है।ये 1909 से 1913 तक अमेरिका के राष्ट्रपति रहे |

रग्गरो लियोनकैवलो-

मुछेरग्गरो लियोनकैवलो एक इतालवी ओपेरा संगीतकार और लिबरेटिस्ट थे। यद्यपि उन्होंने अपने करियर के दौरान कई ओपेरा और अन्य गीतों का निर्माण किया, यह उनकी ओपेरा पगलियाकी है जो उनकी सबसे बड़ी सफलता की छाया से बचने के प्रयासों के बावजूद उनका स्थायी योगदान रहा| पगलियाकी एक प्रस्तावना और दो कृत्यों में एक इतालवी ओपेरा है, जिसमें रग्गरो लियोनकैवलो द्वारा संगीत और कामवासना है। यह संगीतकार का एकमात्र ओपेरा है जो अभी भी व्यापक रूप से प्रदर्शन किया जाता है।इनके मुछे को शाही मुछे कहा जाता था |ये हैंडलबार मुछे की तरह होती थी लेकिन उपर लिप पर ज्यादा घूमी होती है |

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