राजिंदर गोयल – रणजी ट्राफी में ६०० विकेट लेना वाला एकलौता बॉलर –

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राजिंदर गोयल

राजिंदर गोयल गुमनाम सितारा –

राजिंदर गोयल जी के चले जाने से बहुत से क्रिकेटर दुखी है | शायद आपने इससे पहले ये नाम भी नहीं सुना होगा | लेकिन कई ऐसे क्रिकेटर है जो अपने समय में बहुत ही बहुत अच्छा खेले लेकिन वो भारतीय टीम में जगह नहीं बना पाए |क्या कारण था की ऐसा हुआ क्योकि उस समय के कुछ सिलेक्टेड क्रिकेटर भी कहा करते थे की राजिंदर मुझ से बेहतर था लेकिन पता नहीं क्यों उसे मौका नहीं मिला भारत की तरफ से खेलना का |आये जानते है इस गुमनाम के अंधेरे में भी चमकते सितारे की |

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राजिंदर गोयल (4)

राजिंदर गोयल का जन्म 20 सितम्बर 1942 को पंजाब में हुआ था जो की अब हरयाणा है |इनकी शुरू की पढ़ाई लिखाई वैश्य स्कूल से लेकर रोहतक कॉलेज तक हुई | शुरू से ही इनका क्रिकेट खेलने में मन लगता था | और ये इसी में अपना भाग्य आजमाना चाहते थे | धीरे -२ ये अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने लगे |

कहा जा सकता पहली सफलता १९५७ में इनको स्कूल टूर्नामेंट में मिली जो की नार्थ जोन स्कूल और वेस्ट जोन स्कूल के बीच था और इन्होने 4 विकेट लिए और फाइनल में इन्हे इस पुरे टूर्नामेंट का बेस्ट बॉलर घोषित किया गया |ये घटना उनके रणजी ट्राफी में जाने के लिए रास्ता खोल देती है | वो इसका पूरा क्रेडिट अपने कोच किशन दयाल को देते है | वो एक बाये हाथ के बॉलर थे | उन्होंने अपना पहला फर्स्ट क्लास क्रिकेट हरयाणा से शुरू किया और बाद में वो दिल्ली शिफ्ट हो गए |

राजिंदर गोयल (3)
गवास्कर ने क्या कहा –

धीरे -धीरे इनका सफर बढ़ता चला गया और इन्होने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में ६०० से भी ऊपर विकेट लिए |ये रणजी में २५ विकेट एक सेशन में 15 से ज्यादा बार लेने वाले बोलर थे | एक बार गवास्कर ने कहा था की दुनिया के कुछ स्पिनर है जिन्हे मुझे खेलने में दिक्कत होती है उसमे से एक राजिंदर गोयल है | ये बाये हाथ का स्पिन बॉलर था ही इतना खतरनाक | उस समय सिमिलर बोलिंग स्टाइल बिशन सिंह बेदी की थी |विशन सिंह बेदी ने इंटरनेशनल क्रिकेट खेला लेकिन राजिंदर गोयल न खेल सके |

एक वक़्त जब मिलता हुआ मौका न मिला –

राजिंदर गोयल (2)

एक बार बेदी ने कहा था -“जब मुझे 1974-75 में वेस्टइंडीज दौरे पर अनुशासनहीनता के कारण टीम से बाहर रखा गया, तब भी राजिंदर को मौका नहीं दिया गया। अगर वे टीम में होते, तो शायद भारत वेस्टइंडीज से मैच जीत जाता|73 साल के बेदी ने कहा, ‘‘लोगों अब भी यही लगता है कि मेरे टीम में होने की वजह से राजिंदर को मौका नहीं मिला, क्योंकि हम दोनों ही लेफ्ट आर्म स्पिनर थे। लेकिन यह पूरी तरह से सच नहीं है। क्योंकि उन्होंने मुझसे पहले खेलना शुरू किया था और मेरे बाद में खत्म किया।’’ राजिंदर गोयल ने 18 बार 10 से ज्यादा विकेट लिए थे और 157 फर्स्ट क्लास मैच में 750 विकेट लिए थे |इसी तरह इस सितारे का भी अंत हुआ | लेकिन जो भी उपलब्धि ये जोड़ सके उसके लिए सुक्रिया गोयल साहब |

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