रेप और कानून और भारत की स्तिथि –

0
683

रेप और कानून –

आजकल देश कई ऐसी घटनाये हुई जिससे पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है | क्या हम ऐसे समाज में रहते है जहा महिलाओं को कोई भी सुरक्षा नहीं है | छीटाकसी और छेड़ना तो भारत जैसे देश में आम बात है | कई लोग इसके विरोध में सोशल मिडिया पे इसके बारे में बहुत लिख रहे है लेकिन कई लोग इसे राजनीति का रंग देने में लगे है लोगो का कहना है की इस सरकार में ये समस्या ज्यादा है या दूसरी सरकार के शासन में रेप केस ज्यादा हुए | लेकिन राजनीत के इतर आपको एक अलग पहलु से अवगत कराते हुए हम आगे बढ़ेंगे |

सबसे पहले समझते है की ये रेप(RAPE ) ये टर्म है क्या –

रेप (RAPE ) ये टर्म जो है लैटिन भाषा के rapre से उत्पन्य हुआ है जिसका अर्थ होता है -to snatch -इसका पहले 14 सदी में ये अर्थ निकाला गया की -‘कोई भी चीज ले लेना बल द्वारा ‘ और रोमन कानून के अनुसार किसी भी महिलाये को रख लेना उसके मर्जी के बिना |मॉडर्न टर्म में रेप को सेक्ससुअल वोइलेंस माना जाता है |इसका जो असली मतलब है वो ये है की किसी को रखना उसके बिना मर्जी के बल के द्वारा |यहाँ पे रेप की टर्म को समझाना जरूर था |

रेप (3)रेप का असली मतलब ये है की सेक्स करने उस शख्स से उसके बिना मर्जी के | किसी भी शख़्स की मर्ज़ी के बग़ैर उसके साथ जिस्मानी रिश्ता कायम करना बलात्कार होता है। यह एक जुर्म है। अगर बलात्कार करने में एक से ज़्यादा लोग शामिल हों तो उसे सामूहिक बलात्कार कहते हैं। बलात्कार सबसे घिनौने किसम के जुर्मों में गिना जाता है और इसकी सज़ा उम्रकैद या फांसी भी हो सकती है। बलात्कार की शिकायत दर्ज कराने, मुकदमा चलाने और सज़ा देने की दर इंसाफ़ी सरहदों के हिसाब से अलग होती है।

भारत में रेप (बलात्कार ) की स्थति –

राष्ट्रीय अपराध शाखा के अनुसार भारत में प्रतिदिन 88 रेप केस दर्ज होते है |ये डाटा 2019 का है इस समय या थोड़ा बढ़ गया होगा या थोड़ा कम हो गया होगा |National Crime Records Bureau (NCRB ) ने ये डाटा 2019 का दिया है |जबकि पुरे साल में रेप की घटना 32033 केस दर्ज हुए है |जिसमे 11 प्रतिशत हिस्सा दलितों का है |और ये भी माना गया है की बहुत से तो केस दर्ज ही नहीं हो पाते | भारत में दलित सामजिक स्तर और आर्थिक रूप से कमजोर होने की वजह से बहुत रेप केस वो फाइल ही नहीं कर पाते |

भारत के दो राज्यों में रेप के सबसे मामले है उसके एक राजस्थान और एक उत्तरप्रदेश है |६००० के आस -पास राजस्थान में केस दर्ज हुए 2019 में और वही उत्तरप्रदेश में 3000 केस दर्ज हुए |चौकाने वाली बात ये है की राजस्थान से दुगना दलित कम्युनटी उत्तरप्रदेश में इसका सामना कर रही कुल केस का 18 प्रतिशत हिस्सा इससे प्रभावित है NCRB के डाटा के अनुसार महिलाओं के खिलाफ सेक्स हिंसा में बहुत बढ़ोत्तरी हुई है |और 2012 के बाद निर्भया इंसिडेंट के बाद सरकार ने इसपे सख्त कानून बनाये है |जैसे पोस्को (प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्ससुअल ओफ्फेंस ) एक्ट है इसमें किसी भी बच्चे के साथ रेप डेथ पेनाल्टी है |लेकिन कड़ी से कड़ी सजा देने के बाद भी रेप में कमी न आना एक बड़ी समस्या है |

रेप का सबसे बड़ा कारण हमारा सामाजिक स्ट्रक्चर-रेप (5)

रेप का सबसे बड़ा कारण हमारा सामाजिक स्ट्रक्चर भी है जिसमे बहुत ही पुरातन से कास्ट सिस्टम चला आ रहा है | जिससे कई कम्युनिटी का उतना विकाश भी नहीं हुआ और उतना साक्षरता भी नहीं हो पायी | भारत एक विकाशील देश है |कई राज्यों को छोड़ दे तो यहाँ कई राज्यों की साक्षरता बहुत कम है | और पहले से ही बहुत भेद -भाव होता आ रहा है | जब आदमी नहीं पढ़ पायेगा तो वो अपने राइट को भी नहीं जान पायेगा जो उसको भारत के नागरिक होने पे मिला है |कभी -कभी लोगों का तर्क ये होता है की अमरीका में भी बहुत रेप जैसी घटनाये होती है लेकिन मैं उनको बताना चाहता हूँ की रेप का केस दर्ज होना ये भी दर्शाता है की वहाँ की सोसाइटी कितनी जागरूक और साक्षर है | भारत में तो कई बार बहुत से केस दर्ज नहीं होते है |

भारत में रेप पर क्या है कानून –

भारत में पहले रेप पर केवल अधिकतम 10 साल का क़ैद हुआ करती थी लेकिन निर्भया कांड के बाद इस कानून में संशोधन किया गया और इसे मौत की सजा में बदला गया |भारतीय कानून में रेप के अपराध को अलग -अलग श्रेणी बनाया गया है |श्रेणी के हिसाब से धारा 375, 376, 376क, 376ख, 376ग, 376घ के रूप में विभाजित किया गया है धारा 375 यदि कोई व्यक्ति किसी महिला की इच्छा के विरुद्ध, उसकी सहमति के बिना, उसे डरा धमका कर, दिमागी रूप से कमजोर या पागल महिला को धोखा देकर और उसके शराब या पदार्थ के कारण होश में नहीं होने पर उसके साथ संभोग करता है तो वो बलात्कार की श्रेणी में ही आएगा|

रेप (6)
1-376(क) धारा कहती है कि पति और पत्नी के अलग रहने के दौरान अगर पुरुष पत्नी के साथ संभोग करता है तो वो भी ये बलात्कार की श्रेणी में आता है जिसके लिए दो वर्ष तक की सजा और जुर्माना देना पड़ेगा|376(ख) धारा के तहत आपके संरक्षण में रहने वाली किसी स्त्री के साथ संभोग भी इसी अपराध की श्रेणी में आएगा, जिसके लिए पांच वर्ष तक की जेल के साथ जुर्माना भी देना पड़ेगा|

रेप (7)
2-376(ग) धारा कहती है कि जेल में अधिकारी द्वारा किसी महिला बंदी से संभोग करना भी बलात्कार की श्रेणी में आता है जिसमें पांच साल तक की सजा का प्रावधान है|धारा 376(घ) अस्पताल के प्रबंधक या कर्मचारी आदि से किसी सदस्य द्वारा उस अस्पताल में किसी स्त्री के साथ संभोग करेगा तो वो भी बलात्कार की श्रेणी में आएगा| जिसकी सजा अवधि पांच साल तक हो सकती है|भारतीय दंड सहिता की धारा 376 (ई) में संशोधन के तहत बार-बार बलात्कार का अपराध करने वाले दोषी को उम्रकैद या मौत की सजा हो सकती है|

रेप पे सजाये मौत काफी है-

ये समस्या पुरे समाज की है | आप अगर गौर फरमाएंगे तो देखंगे -की भारत की बड़ी -बड़ी कम्पनिया महिलाओं को एक उत्पाद के रूप में जनता के सामने प्रस्तुत करती है उनका सुंदरता को कैश कराती है | कोई भी विज्ञापन उठा के देख लीजिये |समाज में बहुत असमानता है और महिलाये इस पितृसत्ता समाज में पहले से ही समानता के लिए संघर्ष कर रही है |अगर हमारा आस-पास के समाज का माहौल नहीं बदलता है तो ये समस्या रहेगी ही क्योकि कोई भी लड़का बचपन में अपने माँ -बाप साथ रहता है लेकिन कुछ बड़ा होने पर वो स्कूल में ज्यादा वक़्त गुज़ारता है और इसका मतलब है

रेपसमाज में जो भी बुराइया है उसका उससे सीधा सामना होता है और वो भी बिना प्रभावित हुए नहीं रह सकता है | एक तरफ आप महिलाओं को सम्मान करना सिखाओगे और दूसरी तरफ सेक्स वायलेंट मूवीज दिखाओगे |क्योकि आप भी बंधों हो जो समाज की वास्तविक समस्या है उसपर आप फिल्म नहीं बनाओगे |आप साक्षरता बढ़ाने पे जोर नहीं दोगो |आप आर्थिक सुधारों को बढ़ावा नहीं दोगो |आप जीवन स्तर को नहीं बढ़ाओगे | आप देहज प्रथा पे को खत्म नहीं करोगे |आप लड़का -लड़की में भेद को कम करने की कोशिश नहीं करोगे |आप बेरोजगारी का कोई उपाय नहीं करोगे |

यौन हिंसा एक अपराध पहले एक सोच-

यौन हिंसा एक अपराध पहले एक सोच से शुरू होती है क्योकि सेक्स एक आवश्यकता है इसको डॉक्टरों ने भी माना है | लेकिन भारतीय समाज एक तरह से बहुत ही बंद समाज है | यहाँ तो सेक्स एजुकेशन भी सही से लोगों नहीं मिल पाती है |सहमति और असहमति को क्या समझेंगे |एक तरफ समाज पश्चिमी सभ्यता को फॉलो कर मॉडर्न बन रहा है और दूसरी तरफ बहुत ही पिछड़ा है ये असमानता ही तो है |

रेप (8)इसलिए समाज के पिछड़े वर्ग को हमे सम्बल देना होगा जिससे वो भी आगे आ सके और साक्षरता की दर में वृद्धि करनी होगी जिससे महिला हो या पुरुष अपने नागरिक होने के अधिकारों का दृढ़ता से प्रयोग कर सके |नहीं तो कई कठोरतम कानून आएंगे या लोगों का इनकाउंटर भी हो जायेगा लेकिन रेप रुकता नहीं दिखेगा| मैँ सलाम करता हूँ उन महिला संघठनो का जो महिलाओं से जुड़े हर एक टैबू को खत्म करने के लिए प्रयासरत है | धीरे -धीरे आपको बदलाव का एहसास भी हो रहा होगा |

आप इसे पढ़ना भी पसंद कर सकते है:-पानी का जन्म और पानी के कमी का प्रभाव –

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here