रोंगटे खड़े क्यों होते है आये जानते है ?

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रोंगटे

रोंगटे और अपवाद-

अपने बहुत सुना होगा या कहते सुना होगा की ‘मेरे रोंगटे खड़े हो गए ‘ लेकिन इसके पीछे की वजह को जानने की कोशिश कभी नहीं की होगी | क्योकि आम जीवन में हमारे साथ ऐसी कई घटना होती है जिसको हम या तो नज़रअंदाज़ कर देते है या ध्यान नहीं देते और उसके तह में जाने की कोशिश नहीं करते है |रोंगटे सबके खड़े होते है इसमें आप और मैं अपवाद नहीं है जब भी हम रोमांच , भय , स्नेह ,उत्साह को महसूस करते है तो हमारे रोंगटे खड़े हो जाते है |इसका प्रचलन हमारे कहावतों में भी मिलता है |कहानी के लेखक भी यदा -कदा इन मुहावरों का प्रयोग कर ही देते है |

रोंगटे खड़े होने के पीछे का विज्ञानं –

रोंगटे (2)रोंगटे खड़े होने के पीछे त्वचा के नीचे की मासपेशियों का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है |ये हेयर फॉलिकल बनाने वाली मूल कोशिकाएं और संवेदी तंत्रिका के बीच एक पूल का काम करता है| संवेदी तंत्रिका(सिम्थैटिक नर्व ) मासपेशियों को सुकोड़ देती है जैसे उसे ठण्ड का एहसास होता है जिससे त्वचा पे मौजूद बाल थोड़ी देर के लिए खड़े हो जाते है |हमारे शरीर की त्वचा जिस तरीके से काम करती है वो बहुत दिलचस्प है |इसकी कई मूल कोशिकाएं है जो कई तरह की अन्य कोशिकाओं से घिरी है |हमारे शरीर और बाहरी दुनिया के बीच स्तिथि इंटरफ़ेस में स्थित है |और इसलिए ही मूल कोशिकाएं अलग -अलग स्थति में और उत्तेजनाओं में प्रतिक्रिया देती है |

शरीर के अंग का निर्माण –

शरीर के कई अंग तीन तरह के ऊतकों (टिसू) से बने होते है |उनके नाम है – 1 -एपिथीलियम 2 -मेंजेकेईएम 3 -नर्व |सिम्पथैटिक नर्व मंजेकेईएम के एक बहुत छोटी मासपेशी से जुडी होती है |और ये समतल मासपेशी एक के बाद एक हेयर फॉलिकल बनाने वाली मूल कोशिकाओं से जुडी होती है |ये एक प्रकार की एपिथीलियम स्टेम सेल होती है |जो घावों को भरने में सहायक होती है |संवेदी तंत्रिका (सिम्पथैटिक नर्व ) और मांसपेशियों के जुड़ाव के बारे में ज्यादातर लोग जानते है लेकिन वैज्ञानिकों ने त्वचा पर और शोध किया तो पाया की ये संवेदी तंत्रिका हेयर फॉलिकल बनाने वाली स्टेम सेल से भी जुडी होती है |इसकी तंत्रिका हेयर फॉलिकल सेल के चारो तरफ लिपटे रहते है |

तंत्रिका और मूल कोशिकाओं किस तरह से होता है इंटरैक्शन –

रोंगटे (5)फिर लोगों को समझ आया की तंत्रिका और मूल कोशिकाओं किस तरह से इंटरेक्ट करती है |न्यूरॉन उतेजीनशील कोशिकाओं को नियत्रिंत करता है |जब हम सेक्स करते है तो इसका रोल होता है उत्तेजना में |आम तौर पे स्टेम सेल न्यूरॉन के टारगेट नहीं होते है |लेकिन संवेदी तंत्रिका स्टेम सेल को टारगेट करती है |संवेदी तंत्रिका से जुड़ा नर्व सिस्टम हमेशा शरीर को निचले स्तर बनाये रखने के लिए सक्रीय रहता है |इसके कारण ही मूल कोशिकाएं रिजनरेशन के मोड में आ जाती है |लेकिन ज्यादा ठंडी पडने से तंत्रिका (नर्व सिस्टम ) उच्य मोड पर सक्रीय रहती है |जिससे नीरो ट्रांसमिट होती है और जिससे स्टेम सेल तेज़ी से एक्टिव हो जाती है |जिसे हेयर फॉलिकल फिर से बनने लगते है और नए बाल उभरने लगते है |मांसपेशियों की वजह से ही संवेदी तंत्रिका और हेयर फॉलिकल मूल कोशिका से जुड़ा होता है |

रोगंटे खुद करते है अपना विकास –

रोंगटे (4)हेयर फॉलिकल खुद ही संवेदी तंत्रिका को सिग्नल भेजता है | हेयर फॉलिकल एक समतल मासपेशी बनाने के लिए एक प्रोटीन को अपने से अलग कर देता है और जिससे संवेदी तंत्रिका उसकी ओर आकर्षित होता है |ऐसा होने पर वयस्कों के शरीर में नर्व और मासपेशी जुड़ाव होता है और इस तरह ये हेयर फॉलिकल बनाने वाली मूल कोशिकाओं को नियंत्रित करते है जिससे नया हेयर फॉलिकल पैदा होता है |इस तरह हेयर फॉलिकल अपना विकास खुद ही करता है |जिसे रोंगटे खड़े होने वाले बाल उगते है |इसलिए जब हम कोई एक्ट या फिल्म देखते है तो एक पल को उस दृश्य को देखते ही हमारे रोये खड़े हो जाते है |

संवेदी तंत्रिकाएं और केंद्रीय तंत्रिका और रोंगटे क्या है सम्बन्ध –

संवेदी तंत्रिकाएं वह हैं जो संदेश को शरीर से मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी तक ले जाती हैं और मोटर तंत्रिकाएं (motor nerves) वह हैं जो संदेश को मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी से शरीर तक ले जाती हैं।शरीर भी एक सिस्टम की तरह काम करता है जिसमे तंत्रिका और संवेदी तंत्रिका और कई तरह की चीजें | एक संवेदी तंत्रिका जिसे एक अपवित्र तंत्रिका भी कहा जाता है, एक तंत्रिका है जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (सीएनएस) की ओर संवेदी जानकारी लेती है |

रोंगटे (3) ये यहाँ बताना जरुरी है क्योकि कुछ पाठक तंत्रिका (नर्व ) संवेदी तंत्रिका जैसे टर्म से शायद अवेयर न हो | रोंगटे खड़े होना आम बात है लेकिन विज्ञान का काम ही है सबके कारण का पता करना है | ये दिलचस्प टर्म है विज्ञान के नज़रिये से भी | शरीर भी कई बार चौकाता है | इससे ये स्पष्ट है की हर क्यों का उत्तर होता है |हमारी आगे भी ये कोशिश रहेगी की आपको दुनिया के रोचकता से अवगत कराते रहे है |

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