लहसुन के खाने के फायदे –

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लहसुन

लहसुन बहुत ही गुणकारी है-

लहसुन वैसे तो बहुत ही गुणकारी है इसका फायदा ये है की जितना ये बिना पकाया फायदा करता है उतना ही पका के भी अच्छा लगता है |लेकिन बस इसमें एक ही समस्या है जो इसको खाने से मुँह बदबू करता है इसलिए लोग इसको कच्चा खाने से बचते है |इसे मसाला का राजा भी कहा जाता है क्योकि जो भी आप पकवान बनाते हो सब पकवानो में ये डालना अनिवार्य है |इसके बिना कोई भी भोजन इतना स्वादिष्ट नहीं बन सकता है |इसकी खासियत ये है की पाचन को सम्मान्य बनाया रखता है |इसकी खेती बहुत पहले से होती आ रही है |चलिए आये जानते है इसके बारे में कुछ और नयी जानकारी |

खाली पेट लहसुन खाने के क्या है फायदे –

देखिये मैंने आपको पहले बताया है की ये खाली पेट इसको खाने से बहुत फायदा होता है |पहला तो ये केलोस्ट्राल के लेवल कम करता है |नास्ते के ठीक पहले कच्चा लहसुन लेने से ये आपको जीवाणु और विषाक्त पदार्थों से दूर करते है |ये आपके पेट में एक फ़िल्टर के रूप जैसा कार्य करते है |कई लोग मस्से के इलाज के लिए भी इसका प्रयोग करते है |ये दाँत के दर्द को दूर करने में भी सहायक होते है |

मस्से तो इससे अपने आप बिना दर्द के गिर जाते है |लहसुन को सुबह -सुबह खाने से हिर्दय के लिए भी लाभकारी होती है |जिनको भी हाई ब्लड प्रेशर है उनके लिए ये तो रामबाण है और इसे सुबह लेने से ये ब्लड प्रेशर को बहुत हद तक नियत्रित रखता है |अगर आपको तपेदिक है तो भी खाली पेट लहसुन खाने से इसमें फायदा मिलता है |लेकिन खाली पेट इसको खाने से ये आपको पेट से बहुत मजबूत बनाता है |

लहसुन किस प्रजाति का है –

ये और प्याज की एक ही प्रजाति है | इसका वैज्ञानिक नाम एलियम सैटिवुम एल है।इसके करीबी रिश्तेदारो में प्याज, इस शलोट और हरा प्याज़ शामिल हैं। लहसुन पुरातन काल से दोनों, पाक और औषधीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग किया जा रहा है। इसकी एक खास गंध होती है, तथा स्वाद तीखा होता है जो पकाने से काफी हद तक बदल कर मृदुल हो जाता है। लहसुन की एक गाँठ (बल्ब), जिसे आगे कई मांसल पुथी (लौंग या फाँक) में विभाजित किया जा सकता इसके पौधे का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला भाग है।

पुथी को बीज, उपभोग (कच्चे या पकाया) और औषधीय प्रयोजनों के लिए उपयोग किया जाता है। इसकी पत्तियां, तना और फूलों का भी उपभोग किया जाता है आमतौर पर जब वो अपरिपक्व और नर्म होते हैं।इसका काग़ज़ी सुरक्षात्मक परत (छिलका) जो इसके विभिन्न भागों और गाँठ से जुडी़ जड़ों से जुडा़ रहता है, ही एकमात्र अखाद्य हिस्सा है।इसका इस्तेमाल गले तथा पेट सम्बन्धी बीमारियों में होता है।

लहसुन का गंध तीखा क्यों होता है –

लहसुन में जाने वाले सल्फर के यौगिक ही इसके तीखे स्वाद और गंध के लिए उत्तरदायी होते हैं। जैसे ऐलिसिन, ऐजोइन इत्यादि। लहसुन सर्वाधिक चीन में उत्पादित होता है उसके बाद भारत में इसका उत्पादन होता है |लहसुन में रासायनिक तौर पर गंधक की अधिकता होती है। इसे पीसने पर ऐलिसिन नामक यौगिक प्राप्त होता है जो प्रतिजैविक विशेषताओं से भरा होता है।इसके अलावा इसमें प्रोटीन, एन्ज़ाइम तथा विटामिन बी, सैपोनिन, फ्लैवोनॉइड आदि पदार्थ पाये जाते हैं।लहसुन एक बारहमासी फसल है जो मूल रूप से मध्य एशिया से आया है तथा जिसकी खेती अब दुनिया भर में होती है।आयुर्वेद और रसोई दोनों के दृष्टिकोण से लहसुन एक बहुत ही महत्वपूर्ण फसल है|लहसुन में विभिन्न प्रकार के पोषक तत्त्व पाये जाते है जिसमें प्रोटीन 6.3 प्रतिशत , वसा 0.1 प्रतिशत, कार्बोज 21 प्रतिशत, खनिज पदार्थ 1 प्रतिशत, चूना 0.3 प्रतिशत लोहा 1.3 मिलीग्राम प्रति 100 ग्राम होता है।

सेक्स लाइफ को अच्छा करता है –

लहसुन में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन बढ़ाने का गुण पाया जाता है।यह पुरुषों की सेक्स लाइफ में सुधार करता है और उनकी मर्दाना ताकत को भी बढ़ाता है। हाल ही में किए गए एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार भी यह दावा किया गया कि जो पुरुष लहसुन खाना पसंद करते हैं महिलाएं उनके प्रति ज्यादा आकर्षित होती हैं।इसलिए आप को लहसुन को अपने खाने में शामिल करना चाहिए |हमारा काम है आपको जितने भी जानकारी दी जा सकती है दी जाये |अगर आपको हमारा आर्टिकल पसंद आये तो हमे समर्थन दे |

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