लुटियन दिल्ली : एक प्रसिद्ध वास्तुकार के नाम से आज भी जाना जाता है क्यों ?

0
169
लुटियन दिल्ली

लुटियन की शैली कलात्मक और परम्परागत –

नई दिल्ली का जो एरिया है वो आज भी लुटियन के नाम जाना जाता है बार -बार लोग प्रयोग करते है लुटियन दिल्ली या लुटियन दिल्ली में उसका बंगला है या लुटियन का इलाका बड़ा महंगा है |ज्यादातर अमीर लोग और दिल्ली के बड़े राजनितिक वही रहते है |आये आपको दिल्ली के लुटियन होने का राज बताते है |एक ब्रिटिश वास्तुकार थे जिनका नाम था -‘सर एड्विन लैंडसीयर लूट्यन्स’ था | वो उस समय दुनिया के सबसे बड़े वास्तुकार माने जाते थे | उनकी किसी भी चीज को या भवन को बनाने के शैली कलात्मक होती थी लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने परम्परागत शैली भी अपना ली |

लुटियन दिल्ली (2)

लुटियन की नई दिल्ली की अभिकल्पना-

हमारे देश के राष्ट्रपति भवन का नक्शा इन्होने ही बनाया था | जब हमारा देश गुलाम था तो अंग्रेजों ने कोलकाता से अपनी राजधानी दिल्ली लाने की सोची | और दिल्ली में उन्हें रायसीना हिल्स पे वायसराय के लिए शानदार इमारत बनाना के फैसला किया |14 जून 1912 नक्शा बनके हर्बट बेकर को भेज दिया | राष्ट्पति भवन बनने में 17 साल लग गये | लेकिन ये इतनी भव्य इमारत बनके तैयार हुई जिसकी आज भी दुनिया निहारती है |

दिल्ली महानगर के हिस्से, नई दिल्ली, की रूपरेखा बनाने के लिए भी लुटियन मशहूर हुए |इसके निर्माण में उनके योगदान के कारण नई दिल्ली को लुटियन दिल्ली के नाम से आज भी जाना जाता है |हर्बेट बेकर के साथ एड्विन्स लैंडसीयर लूट्यन्स दिल्ली के कई इमारतों शिल्पकार रहे | इसमें इंडिया गेट और राष्ट्रपति भवन मुख्य है |इन्हें भारत की तत्कालीन राजधानी नई दिल्ली की अभिकल्पना के लिये जाना जाता है|इन्होंने रॉयल कालिज ऑफ आर्ट्स, लंदन से 1885 से 1887 तक वास्तु कला (आर्किटेक्चर) की शिक्षा ली। यहीं इनका परिचय प्रथम बार सर हर्बर्ट बेकर से हुआ था।

आप इसे पढ़ना भी पसंद कर सकते हैं:-एक अफगानी लड़की की AK -47 के साथ फोटो क्यों हो रही है वायरल ?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here