शकुंतला देवी : एक भारतीय गणितज्ञ जिस पे बन रही है फिल्म –

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शकुंतला देवी

शकुंतला देवी: एक गणितज्ञ –

गणित एक ऐसा विषय हुआ करता है जिससे कई लोग अपना जी चुराते है तो कई लोग इससे हमेशा बचना चाहते है | लेकिन कभी कभी ऐसा भी देखने को मिला है की कुछ लोगों को गणित से इतना लगाव रहा है की उनको इसी लगाव ने दुनिया में प्रसिद्ध कर दिया था | उसी का नाम शकुंतला देवी था |इनमे गणित के बड़े से बड़े कैलकुलेशन करने क्षमता थी ये उस समय के कंप्यूटर से भी गणना में कम समय लेती थी | जो की लोगों को आश्चर्यचकित कर जाती थी |उन्हें उस समय ह्यूमन कंप्यूटर भी कहा जाता थी |उनके कुछ गणना जो इतिहास को भी याद है आपको बताना चाहता हूँ |

शकुंतला देवी (2)

1 – जनवरी 1977 में शकुंतला देवी ने टेक्ससेस में केवल 50 सेकेंड में संख्या 201 की 23वीं घात/रूट (20123) का सही उत्तर ‘546372891’ निकालकर सबके होश उड़ा दिए. उन्होंने 13,000 निर्देशों वाले उस समय के सबसे तेज कंप्यूटर ‘यूनिवेक’ को भी अपने कौशल से मात दी थी, जिसने यह गणना करने में 62 सेकेंड का समय लगाया था|
2 – 18 जून 1980 को, शकुंतला देवी ने 13 अंकीय दो संख्याओं 7,686,369,774,870 तथा 2,465,099,745,779’ का गुणामानसिक रूप से करके अपनी प्रतिभा साबित कर दी, इसके लिए इन्हें लंदन के इंपीरियल कॉलेज के कंप्यूटर विभाग में चयनित किया गया था| उन्होंने केवल 28 सेकेंड में इसका सही उत्तर 18,947,668,177,995,426,462,773,730 दिया था|
3 – शकुंतला देवी ऐसी महिला थी जो एक मिनट में 9 डिजिट का घनमूल बता सकती थी | और इसीलिए उन्हें 1982 को गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह दी गयी थी |

शकुंतला देवी (3)

शकुंतला देवी का शुरवाती जीवन –

शकुंतला देवी का जन्म 4 नवंबर, 1939 को बेंगलुरु में हुआ था| शकुंतला के पिता एक सर्कस कलाकार थे| उन्होंने शकुंतला को ताश के पत्तों के जरिए गणित की दुनिया से रू-ब-रू कराया| शकुंतला में बचपन से गजब की स्मरण शक्ति थी| तीन साल की कम उम्र में ही वो गणनाओं का प्रदर्शन करने लगीं| उनकी इस क्षमता से लोग दंग रह जाते थे |उन्हें बचपन में कोई औपचारिक शिक्षा नहीं मिली थी| ताश खेलते हुए उन्होंने कई बार अपने पिता को हराया. तब पिता को बेटी की इस क्षमता के बारे में पता चला| फिर पिता ने सर्कस छोड़ शकुंतला देवी पर सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करना शुरू कर दिया| इससे शकुंतला को लोकप्रियता मिलनी शुरू हो गई|

शकुंतला देवी (4)

एक गणितज्ञ का अंतिम पल –

शकुंतला देवी का विवाह वर्ष 1960 में कोलकाता के एक बंगाली आईएएस अधिकारी परितोष बनर्जी के साथ हुआ |इनका वैवाहिक संबंध बहुत दिनों तक नहीं चल सका| किसी कारणवश वर्ष 1979 में वो पति से अलग हो गईं |वर्ष 1980 में वो अपनी बेटी के साथ बेंगलुरु लौट आईं| यहां वो सेलिब्रिटीज और राजनीतिज्ञों को ज्योतिष का परामर्श देने लगीं| अपनी जिंदगी के अंतिम दिनों में शकुंतला बहुत कमजोर हो गई थीं|शकुंतला देवी का लंबी बीमारी के बाद हृदय गति रुक जाने और गुर्दे की समस्या के कारण 21 अप्रैल, 2013 को बेंगलुरु (कर्नाटक) में 83 वर्ष की अवस्था में निधन हो गया|

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