सबसे अच्छा ऑक्सीमीटर कौन सा है ?

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ऑक्सीमीटर (3)

ऑक्सीमीटर और कोरोना की स्थति –

ऑक्सीमीटर आजकल ज्यादा सुनने को मिल रहा है पल्स ऑक्सीमीटर तो और ही फेमस हुआ है | जब से कोरोना महामारी पूरी दुनिया में फैली है इसका उपयोग भी बढ़ा है |कोरोना में तो सबका बुरा हाल और सब लोग चाहते है या तो कोरोना या तो हो ना या अगर हो भी थे सब लोग सही हो जाये | इसलिए इन परिस्थतियों में लोगों को जब पता चला की कोरोना जब हो जाता है तो सॉस लेने में दिक्कत होती है तो कई लोगों पहले से ही ऑक्सीजन के सिलिंडर का जुगाड़ करने लगे और कई तो वेंटिलेटर भी इक्कठा करने लगे थे |

ऑक्सीमीटरजिसे इन चीजें का दाम बहुत तेज़ी से बढ़ा था और कई लोगों को अपनी जिंदगी से भी हाथ धोने पड़ा |बात ये है की सास लेने में दिक्कत मतलब ऑक्सीजन की कमी है ऑक्सीमीटर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो खून में ऑक्सीजन के स्तर को नापती है |इस डिवाइस से शरीर के छोटी -मोटी चीजें को जानकारी मिल जाती है |

ये ऑक्सीमटर किस तरह का है और कैसे काम करता है –

ये एक क्लिप की तरह डिवाइस है इसमें आपको अपनी ऊँगली रखनी होती है |और इसमें कई तरह की रीडिंग ले सकते है |इसमें बटन लगे होते है इसके ऊपर एक डिस्प्ले होती है | और जब आप इसके अंदर अपनी ऊँगली फसाते है |तो ये डिवाइस आपके हार्ट रेट और आपके खून में ऑक्सीजन के स्तर को नापा जाता है|इसमें न कोई दर्द होता है |इसका प्रयोग ज्यादातर अस्पतालों में होता है |हॉस्पिटल में प्रयोग होने वाली इस डिवाइस से सही रीडिंग प्राप्त होती है |

 

ऑक्सीमीटर वास्तव में ये चेक करता है की आपका दिल सही से काम कर रहा है की नहीं |क्योकि ब्लड की पम्पिंग का काम दिल ही करता है |इससे ये भी पता चलता है की किसी भी व्यक्ति को सॉस लेने में दिक्कत तो नहीं |क्योकि आम तौर पर एक स्वस्थ व्यक्ति का के खून में ऑक्सीजन का स्तर 89 प्रतिशत से ज्यादा होना चाहिए | कभी -कभार ये इससे कम भी हो जाता है लेकिन इससे घबराने की जरुरत नहीं |लेकिन लम्बे समय तक अगर ये स्थति है तो ये जानलेवा भी हो सकता है |इससे ये भी पता चलता है की फेफड़ों को दी जाने वाली दवा सही से काम कर रही है की नहीं |

ऑक्सीमटर की एक्यूरेसी पर क्या चीजें फर्क डालती है –

वैसे तो ऑक्सीमटर एक्यूरेट है लेकिन कुछ चीजें है जो इसके एक्यूरेसी पर फर्क भी डालते है | पहला मूवमेंट -मतलब मूवमेंट ज्यादा नहीं होना चाहिए नहीं तो रीडिंग पर फर्क पड़ता है दूसरा है नेल पोलिश -आम तौर पर महिलाये अपने नाखुनो में नेल पोलिश लगायी रहती है वो भी इसके रीडिंग में फर्क डालती है |और अंतिम में आता है तापमान इसका भी बहुत असर पड़ता है रीडिंग पर |

ऑक्सीमीटर (2)कोरोना के लिए क्यों है कारगर –

देखिये कोरोना मरीज़ के साथ ये समस्या होती है की उनका ऑक्सीजन स्तर गिरने लगता है और सही समय पर अगर वो हॉस्पिटल नहीं पहुंचते तो दम भी तोड़ सकते है |इस समय मरीज़ को घर में ही रख रहे है तो ये डिवाइस और भी प्रमाणिक है क्योकि आपको दवा देते है और इस डिवाइस से आप हर दिन अपने ऑक्सीजन के स्तर को नाप सकते है |जिससे आपकी सुरक्षा है |और सरकार भी जिसको कोरोना हो जा रहा है और घर में रख रही है उसको एक ऑक्सीमीटर दे रही है और दवा दे रही है और हर दिन इसकी रिपोर्ट लेती है और इसके बिनाह पे ही वो देखते है की मरीज़ को हॉस्पिटल में भर्ती करना है या नहीं | और मरीज़ की स्थति क्या है |ये एक कारगर डिवाइस है |

कोरोना में काढ़ा के साथ ऑक्सीमीटर भी जरूर रखे अपने घर में –

काढ़ा भी इस दौर में बहुत ही चर्चित हुआ | कोरोना में लोग काढ़ा रोज पि रहे है जहाँ घरों में चाय के चर्चे थे वहाँ अब काढ़ा ने जगह ले रखी है |जब से लोगों को पता चला की कोरोना से बचना है तो इम्युनिटी मजबूत होनी चाहिए |और काढ़ा इम्युनिटी को मजबूत करता है |ये आपको कोरोना से बचाता है |लेकिन ऑक्सीमीटर कोरोना होने पर भी आपकी देखभाल करता है क्योकि ये समय -समय पर आपके खून में ऑक्सीजन के स्तर को नापती रहती है जिससे आपको कोई कमी नज़र आये तो आप डॉक्टर से कंसल्ट कर सकते है | इसलिए पल्स ऑक्सीमीटर इस दौर की जरुरत और मांग भी है |

ऑक्सीमीटर का फायदा अन्य रोगो में –

देखिये ऑक्सीमीटर जो है अस्थमा के रोगी के लिए ,लंग कैंसर वाले मरीज़ के लिए और एनीमिया और हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर के जांच के लिए भी उतना उपयोगी है जितना कोरोना के केस में है |क्योकि अस्थमा के केस में सॉस लेने में दिक्क्त भी ऑक्सीजन के लेवल का पता होने पर आप मरीज़ के लिए कोई भी निर्णय ले सकते है | इसलिए ये डिवाइस एक उपयोगी डिवाइस है इसे हर घर में रखना चाहिए |बाजार में ऑक्सीमीटर की पूरी खेप है क्योकि जरुरत बढ़ती है तो मांग भी बहुत तेज़ी से बढ़ती है |कई e -कॉमर्स कम्पनिया अच्छी और कम दाम पर ऑक्सीमीटर को सेल कर रही है | लोगों के घरों तक अपनी पहुंच बना रही है | आप चाहे ये तो इन वेबसाइटों से खरीद सकते है |

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