सरनेम क्यों बनी एक महिला के लिए मुसीबत ?

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सरनेम

सरनेम भी कई प्रकार के  –

भारत एक विविधता का देश है यहाँ पे कई तरह की जनजाति रहती है अनेकों सरनेम है लेकिन अपने कम ही सुना होगा की बस आपके सरनेम से आपकी नौकरी की अप्लीकेशन हमेशा रिजेक्ट हो जाये | ये वाकया हुआ है दरसल गुवाहाटी की रहने वाली प्रियंका के साथ यही हुआ | उनका सरनेम अजीब होने के वजह से उनका अप्लीकेशन मान्य नहीं हो रहा था | उन्होंने NSCL ( नेशनल शील्ड कॉर्पोरेशनलिमिटेड )में ऑनलाइन आवेदन करने की कई बार कोशिश की लेकिन ये उनका आवेदन स्वीकार नहीं कर रहा था |

सरनेम या स्लैंग-

आपको बताता है वो जब भी अपना पूरा नाम सरनेम के साथ डालती थी उस अप्लीकेशन फॉर्म में बार -बार लिखा आ जाता था की आप स्लैंग का प्रयोग मत करे या कह सकते है दुर्वचन का प्रयोग न करे | उनकी जो सरनेम था वो चूतिए (chutia ) था | पूरा नाम प्रियंका चूतिए आप समझ सकते हो उनके साथ ऐसा क्यों हुआ |

सरनेम (2)

इससे वो तंग आ गयी थी बाद में उन्होंने NSCL को निजी शिकायत करी तब उनके आवेदन को स्वीकार किया गया | कभी -कभी एक सरनेम आपको कई समस्या खड़ी कर देता है |असम में आदिवासी जनजाति के कुछ का सरनेम चूतिए (Chutia ) और सुतिया( Sutiya ) है | और प्रियंका उसी समुदाय से आती है | प्रियंका का कई जगह इंटरव्यू में भी लोग नाम सुनते ही हसने लगते है या मजाक उड़ाते है |लेकिन क्या करे सरनेम है जो माता -पिता से मिला है |इसका कुछ कर भी तो नहीं सकते |

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