सलवार कमीज: जो पहनते है क्या उसके बारे में जानते है ?

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सलवार कमीज (2)

सलवार कमीज औऱ साड़ी –

सलवार कमीज नाम से जेहन में उसका प्रतिबिम्ब उकरने लगता है | फिर भी किसी ने गौर नहीं किया होगा की आखिर ये पहनावा आया कहा से क्योकि भारत में इस पहनावे का चलन नहीं था जो भी लोग थोड़ा बहुत इतिहास के बारे जानकारी रखते होंगे उन्हें पता होगा की भारत में बहुत पहले ज्यादा लोग समान्यता महिलाये वस्त्र के रूप में एक कपडे का ही प्रयोग करती थी जो उस समय धोती के नाम से जाना जाता था | उसका रूप बदलते -बदलते वो अब साडी कहलाने लगी है और अब तो उसमे कई तरह की साड़िया बाजार में आने लगी है | इसकी पहचान केवल एक फीमेल वेश -भूषा की तरह बनी है |

सलवार कमीज़ मर्द औऱ स्त्री दोनों का पहनावा –

लेकिन सलवार कमीज में ऐसा नहीं है कई जगहों पर इसको पुरषों के वेश -भूषा भी माना जाता है इसका साफ़ मतलब है ये पहनावा स्त्री और पुरुष दोनों ही धारण करते है अब आते है सलवार कमीज पर जैसा की नाम से लग रहा है ये एक उर्दू उत्पन्य शब्द है दक्षिण एशिया और मध्य एशिया के पुरुषों और महिलाओं का पारंपरिक परिधान है। सलवार एक पतलून या पाईजामह है और क़मीस एक लंबा पैंट, या सलवार, पंजाबी मेंसलवार के रूप में जाना जाता है|उर्दू में ये शब्द फ़ारसी से लिया गया है |

-सलवार कमीज – सलवार से मालूम ही होता है की ये बैग्गी ट्राउज़र्स की तरह है उर्दू में शलवार के नाम से जाना जाता है ये सलवार शब्द का प्रयोग भारत में बहुत ही होता है |ज्यादातर पंजाबी लोगों का शलवार और सलवार का साउंड एक जैसा ही लगता है |-कमीज – कमीज़ शब्द क़मीज़ से बना है ये एक पायजामा टाइप होता है इसमें कई लेंथ होते है |शब्द कमीज ये अरब से आया हुआ शब्द है जो इंग्लिश में क्यू से शुरू होता है |ये सलवार कमीज आज के दौर में कई तरह के स्टाइल आने से इन पायजामों का नाम भी चेंज हुआ है |

सबसे पहले सलवार कमीज़ का कांसेप्ट कहा से आया –

सलवार कमीजसलवार कमीज का कांसेप्ट सबसे पहले मुगलो दवरा लाया गया है |मुगलों में महिलाये और पुरष इसी तरह पोशाक पहना करते थे और वो बहुत शौक़ीन थे ज्वेलरी के भी और वो अच्छे कपडे इस तरह के परिधान पहना करते थे |और साथ बहुत ही बेहतरीन कपड़ो का प्रयोग करते थे जो साथ में महंगे भी हुआ करते थे |मुग़ल महिलाये ज्यादातर मलमल , वेलवेट , सिल्क के बने हुए पोशाक पहना करती थी |

मुग़ल ने ही सलवार कमीज में नयी -नयी चीजें जोड़कर कई तरह और कई टाइप की सलवार कमीज़ बनायीं जो आज भी चल रही है |ये 13 सेंचुरी चलता आ रहा था |कहा जाये तो यही से सलवार और कमीज की खोज कहे या विकास कहे यही से हुआ |फिर पुरे विश्व तक गया |और आज भी कई मुस्लिम देशों की ये राष्ट्रीय ड्रेस है | अफगानिस्तान में पुरषो के दवरा बहुत ही सलवार कमीज पहनी जाती है |और बाद में ये भारतीय महिलाओं दवरा अडॉप्ट कर ली गयी और प्रसिद्ध भी हुई | हो भी क्यों न थोड़ा सरल भी था इसको पहनना |

सलवार कमीज़ उसके स्टाइल –

सलवार कमीज (4)पंजाबी सूट –

पंजाब रीजन पहले से भी सांस्कृतिक रूप से भरा -भूरा रहा है | पंजाबी कमीज जो वो मुगलों से थोड़ा अंतर लिए होती वो स्ट्रैट में होती है बिना साइड सिल्ट के और वही जो सलवार होती है टॉप में चौड़ी और नीचे पैर की तरफ बढ़ते -बढ़ते सुकुडती जाती है |और एंकल के चारो ओर इक्ठा रहती है |

चूड़ीदार पैजामा भी पंजाब में प्रसिद्ध है |सलवार को लोकल पंजाबी सूथन भी कहते है |पंजाबी सूट का प्रचलन इसलिए भी बहुत बढ़ा क्योकि 1960 में सिनेमा के दौर में पंजाबी परिधान पहने हुए अक्सर एक्ट्रेस दिख जाये करती थी |पंजाबी सूट का प्रचलन स्कूल के बच्चों में भी घर कर गया है |इसमें वेरियशन भी बहुत है जैसे पटियाला सूट जो आजकल बहुत ही चर्चित है |

सिंधी सूट –

सिंधी पारम्परिक सलवार को कांचा कहा जाता है |ये टॉप से लेकर एंकल तक चौड़ी रहती है |इसमें कई प्लेट बनी रहती है |इसके साथ महिलाये सिंधी चोला पहनती है जिसकी लम्बाई घुटने तक होती थी |सिंधी के लोगों में ये आज भी प्रचलित है | ऐसे मिलते जुलते कई फैशन में लोग इसे जोड़ रहे है |

अनारकली सूट –

इस सूट का नाम अनारकली इसलिए रखा गया क्योकि पहले दरबारी नर्तकी ऐसे ही परिधान पहनती थी औऱ उनके पजनने की वजह से इसे अनारकली नाम दिया गया |ये इस समय बहुत ही पॉपुलर है | ये एक फ्रॉक स्टाइल टॉप औऱ सलवार का मिक्सचर है |ये वास्तव में भी इस पहनावे का जुड़ाव पंजाब रीजन से औऱ जम्मू रीजन से है वहाँ इस पहनावे को अंगा नाम से जाना जाता है |ये इस समय बहुत चर्चित औऱ लोकप्रिय ऑउटफिट है | भारत में तो ये महिलाओं की पसंदीदा ड्रेस है | बाजार में इसकी मांग भी बहुत है |पहनने में सरल औऱ देखने बहुत ही ट्रेंडी लगने की वजह से लोगों इसके प्रति क्रेज बना हुआ है |

परिधान औऱ लाइफस्टाइल –

सलवार कमीज (6)कपड़ों के हिसाब से ये परिधान बहुत ही फेमस हुआ क्योकि आज के दौर में लोगों ज्यादातर कामकाजी लाइफस्टाइल को अपना रहे है इसमें वो इजी औऱ आरामदायक परिधान को ज्यादा चुन रहे है औऱ इसीलिए पेंट्स इतने चलन में है औऱ लोकप्रिय है |क्योकि इनका पहनना आसान भी होता है औऱ ये ज्यादा कम्फर्ट भी होते है |उसी तरह अब दुनिया जैसे बदल रही है लोग सलवार कमीज की ओर आकर्षित हो रहे है | क्योकि ये परिधान ज्यादे हलके औऱ केयर करने में आसान होते है |

वैसे परिधान आदमी क्या पहने क्या नहीं पहने ये उस रीजन के वातावरण पर भी निर्भर करता है | औऱ अब तो गूगल का दौर है इससे कोई भी स्टाइल एक कोने से दूसरे कोने में पहचने में समय नहीं लगता है | इसलिए सलवार कमीज में भी इसका असर दिख रहा है औऱ अलग -अलग स्टाइल के बहुत से आइटम बाजार में आ रहे है |हमारा ये मानना है की आप जिस भी परिधान में सूंदर औऱ सरल महसूस करे उसे ही प्रयोग में लाये |

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