साइकिल : पहली कैसे बनी ?

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साइकिल

साइकिल : मीलो का सफर तय करती है –

बाइसिकल एक ऐसी सवारी है जिसका पहले बहुत महत्व था | पहले लोग मीलो का सफर इस सवारी से तय करते है | और कभी जब साइकिल कही दिख जाती थी तो लोगों की भीड़ लग जाती थी | आप समझ सकते हो की उस समय की साइकिल की रूप रेखा कैसी होगी | कहा जाता है की अब के दौर में साइकिल का लोग कम इस्तेमाल करते है क्योकि अब उसकी जगह कई एडवांस व्हीकल ले रखा है अब लोग अपने फिटनेस को बनाये रखने के लिए भी इसका प्रयोग करते है | साइकिल वैसे तो बहुत उपयोगी सवारी क्योकि इससे कोई प्रदूषण भी नहीं होता है आज के दौर में जब विश्व के हर बड़ी सिटी प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है | लोगों के लिए ये उपयोगी सवारी है |

साइकिल का इतिहास क्या है-

चलिए अब जानते है आखिर साइकिल का इतिहास क्या है | पहले लोग घोड़े गाड़ी का प्रयोग करते जो की आम जनमानस को इसका प्रयोग बहुत ही महंगा पड़ता था | तो एक शख्स ने जो जर्मनी से तालुकात रखते थे उन्होंने साइकिल जैसी एक चीज की खोज की उनका नाम है बैरन कार्ल वॉन ड्रैस है | इसे आप साइकिल का आप एक रूप भी कह सकते है |ये पहली साइकिल जो बनी वो लकड़ी की बनी थी |लकड़ी से बने उसके दो पहिये थे और बीच में बैठकर उसे पैर से धकेला जाता था |इसे लॉफमशीन कहा जाता था |बैरन कार्ल वॉन ड्रैस के इस डिज़ाइन को इंग्लैंड में थोड़े मॉडिफिकेशन के साथ प्रस्तुत किया गया था | और इस साइकिल का प्रयोग कम से कम 40 वर्षों तक होता रहा है |इसे डांडी हॉर्स कहा था |

साइकिल (2)

फ्रांस के बड़े पहिये की साइकिल –

फिर बाद में फ्रांस के दो भाइयों (पिअर मिचोक्स पिअर लालमें ) ने इस साइकिल में एक पड़ैल और बैठने के लिए एक सीट जोड़ दी और एक नयी साइकिल प्रस्तुत की ये साइकिल 1864 में बनी थी |और ये साइकिल बनते ही मशहूर हो गयी और दोनों भाइयों ने 4 साल तक पैसे कलेक्ट किये और इस साइकिल का बहुत बड़े उत्पादन शुरू कर दिया था | 1869 में फिर यूजीने मेयर ने एक नया मॉडल तैयार किया | जिसमे आगे के पहिये को बड़ा रखा था और ये तेज़ चल सकती थी |लेकिन साथ में एक दिक्कत ये है की ये साइकिल ढलान में उतनी उपयोगी नहीं थी |

साइकिल (3)आज के दौर की साइकिल –

इसके बाद इस ज़माने के साइकिल बनके तैयार हुआ जिसमे में एक पैडेल साइकिल के पिछले पहिये से जोड़ कर बनाया गया |इसको बनाने वाले जॉन केम्प स्टारले इस साइकिल को सेफ्टी बाइसिकल नाम से प्रस्तुत किया | और इसका नाम रोवर था जो की २०वी सदी में बहुत ही प्रसिद्धि हुई है |1900 से 1950 के दशक को साइकिल के लिए गोल्डन इरा कहा जाता है |लोगो इस समय साइकिल का अधिकाधिक प्रयोग होता था | फिर 60 -70 दशक में साइकिल प्रयोग फिटनेस के लिए प्रयोग होने लगी है | लेकिन आज भी कुछ हिस्से में साइकिल का प्रयोग होता है |अब तो कंप्यूटर से चलने वाली साइकिल भी बनने लगी है |साइकिल वैसे सेहत के बहुत ही जरुरी है और वातारण स्वस्थ रहे हम स्वस्थ रहे उसके लिए हर एक घर में साइकिल होना जरुरी है |

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