स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी -आखिर ये हाथ में लिए मसाल किसका प्रतीक है ?

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स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी

स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी: फ्रांस और अमेरिका के दोस्ती का प्रतीक-

ये स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी फ्रांस और अमेरिका के दोस्ती का प्रतीक है इसको फ्रांस ने अमेरिका को दिया था | जिसमे एक रोमन देवी है जिनके एक हाथ में जलता हुआ मसाल है और दूसरे हाथ में एक किताब है जिसपर लिखा हुआ है -” JULY IV MDCCLXXVI ” 4 जुलाई 1776 जो की अमेरिका का स्वतंत्रता दिवस है | ये मूर्ति ताँबे की है और १५१ फ़ीट लम्बी है लेकिन चौकी और आधारशिला मिला कर यह 305 फुट ऊंची है | 22 मंज़िला इस मूर्ति के ताज तक पहुंचने के लिये 354 घुमावदार सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं|

मूर्ति को बनाने के प्रपोजल एक फ्रैंच हिस्टोरियन 1865 में रखा-

इस मूर्ति को बनाने के प्रपोजल एक फ्रैंच हिस्टोरियन 1865 में रखा था और फ्रेंच लोगों से फंड भी इख्ठा कर लिया और इस मूर्ति पे काम 1875 में शुरू हुआ |और १८८५ में ये मूर्ति पूरी बनके तैयार हो गयी |मूर्ति के नीचे के चौकी को अमेरिकन आर्किटेक्चर ने डिज़ाइन किया है |और न्यूयोर्क सिटी में ये मूर्ति लगायी गयी है |कई सालों इसके टोर्च में कई बदलाव किये गए है |और 1916 में इसके टोर्च को इलेक्ट्रिक पावर में भी बदल दिया गया है |

स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी (2)

और समय -समय पे इसकी मररमत फ्रेंच और अमेरिकन वर्कर करते रहते है |और 1984 में ये यूनिस्को हेरिटेज में लिस्ट में डाल दिया |लिबर्टी का मतलब स्वतंत्रता होती है | सभी लोगों के अंदर इस रोमन देवी के हाथों में जो टोर्च है उसकी रौशनी जो की एक स्वतंत्रता की रौशनी है अपने अंदर रखना चाहिए जिससे वो खुद भी वैसा महसूस कर सके | उस ज्योति से खुद को जागृत कर सके | स्वतंत्रता पे सबका अधिकार है | और सबको मिलना चाहिए |

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