ममी : दुनिया ऐसा पुराना तरीका जिससे शव रखे जाते थे सुरक्षित –

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ममी

ममी : एक डरावनी फिल्म की कहानी सी लगती है –

ममी ऐसा नाम जिसे ज्यादतर लोगों ने सुना होगा | और इस नाम से ही मिस्र का ख्याल आ जाता है | कई लोगों ने तो इसे मूवी की वजह से जेहन में क़ैद किया होगा | दुनिया के सात आश्चर्य में एक मिस्र का पिरामिड है उसमे ममी ही रखी जाती थी |मिस्र के लोगों का मानना था की सबका पुनर्जन्म होता है और लोग पुनर्जन्म लेने के बाद अपने उसी शरीर को पा सके इसलिए ममी बनाये जाते थे | ये प्रियजन और अपने पालतू पशु के भी ममी बनाते थे | वैसे तो ममी बनाना एक विज्ञानं ही है जिसके जरिये आप शव को कई सालों तक सुरक्षित रख सकते है |आपको बताना चाहूंगा की आज भी मिस्र में एक मिलियन से ज्यादा ममी है |

ममी (2)

 कैसे बनाये जाते है ममी –

पहले समय में ममी बनाना बहुत जटिल प्रक्रिया होती थी | इसमें कम से कम भी 70 दिन का वक़्त लगता था |इसको बनाना में धर्मगुरु और उस समय के विशेष्ज्ञ सहायता करते थे | सबसे पहले इस प्रक्रिया में मृत शरीर की नमी को एकदम के लिए ख़त्म किया जाता है |पहले शरीर के अंदर के सब ऑर्गन हटाया जाता है और एक रॉड को नाक के छेद से खोपड़ी में घुसाया जाता है जिससे मस्तिष्क के उत्तकों से तरलता ख़तम की जा सके |

फिर पुरे शरीर को मसालों के मिश्रण और पाम वाइन से साफ़ किया जाता है |फिर पुरे मृत शरीर को कम से कम 40 दिन स्वाभाविक होने वाले नमक में रखा जाता है जिससे शरीर पूरी तरह dehydrated (निर्जलित) हो जाये | निर्जलित होते ही पुरे मृत शरीर को कई कॉटन के परतों से लपेटा जाता है |पट्टी लपेटने के बाद शरीर के आकार से मिलते-जुलते लकड़ी के ताबूत तैयार किए जाते थे। इन ताबूतों को रंगकर मृत व्यक्ति या पशु के चेहरे सहित उसका रूप दिया जाता था|

ममी (3)

ममी शब्द कहा से आया –

लोग सोचते है की ममी जो शब्द मिस्र से आया है लेकिन ये सही नहीं है ये एक अरबी शब्द मुमिया से बना है जिसका अर्थ मोम या तारकोल से सुरक्षित रखी वस्तु होता है |अधिकतर ममी तो मिस्र में ही पायी गयी और इसको मिस्र का ही प्रतीक माना जाता था | लेकिन कई जगह जैसे चिल्ली में भी इसके अवशेष मिले है |सबसे गौर करने वाली बात है की २००० साल पहले ममी बनाने की जो(मिस्र )प्रक्रिया है वो ज्यादा तकनिकी थी चिल्ली की अपेक्षा |

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