सेब के कटे हुए टुकड़े क्यों भूरे होने लगते है ?

0
297
सेब

सेब और उससे जुडी जिज्ञासाएं-

सेब हो या कोई फल लोग फलों का खाना पसंद करते है |और तो और लोगों के अंदर ये जिज्ञासा हमेशा बनी रहती है की फलों का रंग क्यों ऐसा होता है या ये कब ख़राब होते है या कह ले लोग ये भी जानने में लगे रहते है की कोई फल ख़राब होने के बाद भी फायदा कर सकता है | हर तरह के सवाल उनके अंदर होते है |आज कुछ इसी तरह के सवाल का उतर हम आपको बताने की कोशिश करेंगे | की आखिकर क्यों सेव के कटे टुकड़े का रंग भूरा हो जाता है | इसके पीछे क्या -क्या कारण है |

सेव का भूरा होना एक केमिकल क्रिया है –

सेबजब सेब को काटा जाता है, तब बाहरी पर्यावरण में मौजूद ऑक्सीजन सेब के ऊतकों के साथ प्रतिक्रिया करता है। यह अक्सीजन, क़लोरोप्लास्ट में मौजूद पोलीफेनोल ऑक्सिडेज़ एन्ज़ाइम्स के साथ प्रतिक्रिया कर, सेब उत्तकों में उत्पन्न होने वाले रंगहीन ओ-कीनोंस को भूरे रंग के एमिनो एसिड और प्रोटीन में बदल देता है।इसमें भी, कुछ सेब बाकी सेबों से अधिक भूरे या अधिक जल्दी भूरे हो जाते हैं। इसका कारण भी यही केमिकल प्रक्रिया है। हालाँकि सभी सेबों के ऊतकों में ये पोलिफेनोल है, परन्तु सेब की कुछ किस्मों में दूसरों की बनिस्पत अधिक मात्रा में ये तत्त्व पाया जाता है। इसके अतिरिक्त, फल की उम्र, उसके पकने की प्रक्रिया, और वातावरण में मौजूद ऑक्सीजन इत्यादि भी इस भूरे होने की प्रक्रिया में कई तरह के बदलाव ला सकते हैं।

एप्पल के भूरे होना रोकने के उपाय –

कई कम्पनिया और कर्मचारी इस प्रक्रिया को काबू में लाने के लिए, या धीमा करने के लिए फल की किस्मों, और वातावरण की स्थितियों को पर विशेष ध्यान देते हैं। घरेलु तौर पर इस तरह का चुनाव शायद संभव न हो, और वातावरण की स्थितियां तो किसी भी तरह से काबू में लायी ही नहीं जा सकतीं। इसीलिए घर की रसोई में फल के पोलिफेनोल के ऑक्सीकरण के स्तर को कम करने या बाकी केमिकल्स की स्थितियों को काबू में करने पर ही ध्यान दिया जा सकता है।

सेबजैसे, ताज़े कटे सेब को चीनी की चाशनी में डुबाने से ऑक्सीकरण की प्रक्रिया को काफी हद तक धीमा किया जा सकता है। नीम्बू या अन्नानास के रस जो की काफी मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरे होते हैं भी इस काम आ सकते हैं। न केवल इनके रस का छिड़काव सेब को भूरा होने से बचा सकता है, बल्कि फल के स्वाद को भी काफी बढ़ा देता है। ये रस फल के ऊतकों की सतह पर मौजूद पि एच को कम करते हैं, जिस से की सेब लंबे समय तक ताज़ा रह सकता है।

सेव के इस तरह भूरे होने को कैसे कम कर सकते है –

दोस्‍तों आपने अपने घरों में अक्‍सर देखा होगा कि जब हम सेब को काटकर कुछ समय के लिए छोड देते हैं तो उसका रंग भूरा होने लगता है सेब पकने की इस प्रक्रिया को धीमा किया जा सकता है। सेब को काट कर यदि चार या पांच मिनट तक थोड़ी भाप में रखा जाये तो भी पोलिफेनोल कम हो जाता है, परन्तु इस बात का भी ध्यान रखा जाना चाहिए की इस से फल का स्वाद भी प्रभावित होता है।

सेबसेब दरअसल अकेले ही ऐसा फल नहीं है, जो काटने पर भूरा हो जाता है, और न ही भूरा हो जाना किसी फल के ख़राब हो जाने का ही सूचक है। चाय का खूबसूरत भूरा रंग भी इसी प्रक्रिया का एक उदाहरण है।वैज्ञानिक इसपे जैविक रूप से काम करे रहे है जिससे सेव पोलीफेनोल उत्पन्य ही न करे कटने के बाद |देखिये कब ऐसा दिन आता आता है की सेब का टुकड़ा भूरा होना पुरानी बात हो जाये |

आप इसे पढ़ना भी पसंद कर सकते है:-प्लास्टिक सर्जरी:सुंदरता को भी अपना गुलाम बनाना

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here