Love Ka Full Form Hindi | लव का फुल फॉर्म क्या है?

0
130
love
love

Love Ka Full Form Hindi: I Love You Full Form (लव का फुल फॉर्म)

Love Ka Full Form Hindi से लोग अलग – अलग आशय लगाते है। लव का मतलब – प्यार है ये एक तरह का एहसास है। इसके फुल फॉर्म में तो हमे जाना ही नहीं चाहिए। ये खुद में पूरा का पूरा फुल फॉर्म है।जब हम लव की बात करते है तो लोग बस लड़का-लड़की वाला ही लव समझ लेते है। जबकि उसके भी इतर कई लव मौजूद है इस दुनिया में। लव ही तो कोई तीर नहीं जो हमेशा जिगर के पार हो जाएगी। I Love You Ka Full Form का सम्बद्ध हर उस रिश्ते है जिसमे आप का भावनात्मक लगाव हो।

वो रिस्ता भाई से भाई का या भाई से बहन का या पिता से पुत्र का या माँ का बेटे से या प्रेमिका का प्रेमी से।किसी से भी जो मानव श्रेणी में आते है। प्रेम का मतलब लगाव से ही है। आप चाहे जो इसका अर्थ लगा ले या कहे लव का फुल फॉर्म समझ ले। हम आपको लेकिन इस टॉपिक पे विस्तार से बताने वाले है। हम समझेंगे की लव का फुल फॉर्म होता है या लव खुद में पूरा फुल फॉर्म है।

लव क्या है? What is Love? Love Definition in Hindi

Love Definition in Hindi: लव को वैसे प्राचीन काल में कई विद्वानों ने परिभाषित किया है। आपकी भाषा में कई सकते है की Love Ka Full Form Hindi में बताया है। उनके अनेक रूप है की प्रेमी और प्रेमिका का प्रेम उसमे कई तरह के निर्गुण और सर्गुण सभी तरह के प्रेमो से अवगत कराया है। प्रेम से भक्ति और भक्ति से भी प्रेम को जोड़ा है। बाकायदा उनको चरणबध्य किया है।लेकिन सबमे बात एक ही है वो जो अंदर की भावनाये ही है उन्ही को बस अलग -अलग तरीके से बताया है। उस समय के लगभग हर तरह के विद्यानो ने Love पर कुछ न कुछ लिखा है। कुछ लोगों और विचारों को हम आपके लिए संक्षिप्त रूप से रख रहे है।

प्राचीन ग्रीकों ने चार तरह के प्यार को पहचाना है। रिश्तेदारी, दोस्ती, रोमानी इच्छा और दिव्य प्रेम। प्यार को अक्सर वासना के साथ तुलना की जाती है और पारस्परिक संबध के तौर पर रोमानी अधिस्वर के साथ तोला जाता है, प्यार दोस्ती यानी पक्की दोस्ती से भी तोला जाता हैं। आम तौर पर प्यार एक एहसास है जो एक इन्सान दूसरे इन्सान के प्रति महसूस करता है।प्रेम एक रसायन है क्योंकि यह यंत्र नहीं विलयन है,द्रष्टा और दृष्टि का।

सौन्दर्य के दृश्य तभी द्रष्टा की दृष्टि में विलयित हो पाते हैं,और यही अवस्था प्रेम की अवस्था होती है। प्रेम और सौन्दर्य दोनो की उत्पत्ति और उद्दीपन की प्रक्रिया अन्तर से प्रारम्भ होती है।सौन्दर्य मनुष्य के व्यक्तित्व को प्रभावित करता है, और प्रेम उस सौन्दर्य में समाया रहता है। प्रेम में आसक्ति होती है। यदि आसक्ति न हो तो प्रेम प्रेम न रहकर केवल भक्ति हो जाती है। प्रेम मोह और भक्ति के बीच की अवस्था है।

स्त्री व पुरुष के मध्य प्रेम होने के सात चरण होते है व प्रेम सामाप्त होने के सात चरण होते है । प्रेम होने के सात चरण पहला आकर्षण दूसरा ख्याल तीसरा मिलने की चाह चौथा साथ रहने की चाह पांचवा मिलने व बात करने के लिए कोशिश करना छठवां मिलकर इजहार करना सातवा साथ जीवन जीने के लिए प्रयत्न करना व अंत में जीवनसाथी बन जाना ।

प्रेम समाप्त होने के सात चरण पहला एक दूसरे के विचार व कार्यो को पसंद ना करना दूसरा झगड़े तीसरा नफ़रत करना चौथा एक दूसरे से दूरी बनना पंचवा संबंध खत्म करने के लिए विचार करना छठवां अलग होने के लिए प्रयत्न करना सातवाँ अलग हो जाना।प्रेमी व प्रेमिका या के प्रेम करने व अलग होने की मनोस्थित एक समान है । कुछ विवाह जुड़े अलग नहीं हो सकते है क्योंकि उनकी आत्मा ही एक है जो भीतर से एक है वे बाहर से अलग हो ही नहीं सकते है ।

What is Full Form of Love in Hindi? फुल फॉर्म ऑफ़ लव इन हिंदी

आइये Love Ka Full Form Hindi में समझते है| LOVE का सबसे सामान्य पूर्ण रूप ‘दीर्घकालिक मूल मूल्यवान भावनाएं’ (Long-lasting Original Valuable Emotions) है। हालाँकि, यह सिर्फ एक मिथक है, और लोग लव का अपना रूप ऐसे ही बनाते हैं। लव के कुछ अन्य रूप इस प्रकार हैं| Love Ka Full Form Hindi:

फुल फॉर्म ऑफ़ लव इन हिंदी का दूसरा रूप:

L – Life’s
O – Only
V – Valuable
E – Emotion

I Love You ka Full Form का तीसरा रूप:

L – Lack
O – Of
V – Valuable
E – Education

Other Full Form of Love (लव के अन्य फुल फॉर्म)

  • Loss Of Valuable Energy
  • Life Of Very Emotional Person
  • Land of sorrow Ocean of tears Valley of death End of life
  • Lake of sorrow Ocean of tears Valley of death End of life

आप इसे पढ़ना भी पसंद कर सकते हैं:- वेब होस्टिंग क्या है और सबसे अच्छी वेब होस्टिंग कौन सी है?

What is True Love? सच्चा लव क्या है? True Love Meaning

लव को लेकर कई तरह की अफवाह है की सच्चा प्यार है ही नहीं या ये हो ही नहीं सकता। लेकिन पहले ये दुनिया नहीं थी ये ब्रमांड नहीं था। तो ये भी एक विस्फोट के जरिये आये। जब बच्चा पैदा होता है तो उसमे कोई इमोशंस नहीं होते और धीरे -धीरे वो अपनी माँ के स्पर्श को पहचानता है। धीरे -धीरे वो सबको पहचानने लगता है। और बड़े होने पर कई तरह के छल -कपट जानने लगता है उसका ये मेरा -वो तुम्हारा है का बोध हो जाता है। लेकिन ये कमिया या आज के समाज की खूबियां कहे ये आखिर आया कहा से – ये सोचने वाली बात है ये पहले मौजूद नहीं था।

अगर आपको समझना है What is True Love? या True Love Meaning तो यहाँ अच्छे से समझ सकते है| आप अगर आज भी गौर करे तो जो भी आदिवासी लोगे वो ज्यादा सच्चे और प्रेमी है। हर तरह के प्रेमी। वातावरण प्रेमी या जो कुछ भी कहिये। सच्चा लव वही है जो कभी बढ़ता या घटता नहीं है। मान देनेवाले के प्रति राग नहीं होता,न ही अपमान करनेवाले के प्रति द्वेष होता है। ऐसे प्रेम से दुनिया निर्दोष दिखाई देती है।

यह प्रेम मनुष्य के रूप में भगवान का अनुभव करवाता है। संसार में सच्चा लव है ही नहीं। True Love उसी व्यक्ति में हो सकता है जिसने अपने आत्मा को पूर्ण रूप से जान लिया है। प्रेम ही ईश्वर है और ईश्वर ही प्रेम है। जिस प्रेम में क्रोध-मान-माया-लोभ कुछ भी नहीं, स्त्री नहीं,पुरुष नहीं जो प्रेम समान, एक जैसा रहता है। यहाँ कहे तो सबसे शुद्ध ईश्वरीय प्रेम को ही बताया गया है।

जानिए लव बाइट होता क्या है?

Bases of love (लव को कई आधारों में भी बाँटा गया है)

लव को कई तरह से आप देख सकते है। जो भी जीवित है या कहे की शरीर धारण किये हुए है। उसके कई तरह के आधार है। उससे वो पीछा वो नहीं छूटा सकता है। उदाहरण के तौर पे अगर मैं ही किसी जेनटिक रोग से ग्रषित फॅमिली से आता हूँ तो इसमें मेरा कोई दोष नहीं की ये जो अनुवांशिक रोग मुझे होगा क्योकि ये शरीर मैंने नहीं चुना है। और अगर शरीर है तो उसकी भी कई तरह की आवश्यकता होगी। भूख लगेगी तो खाना खाना होगा। प्यास लगेगी तो पानी पीना होगा। इसे हम जैविक आधार कह सकते है। आगे हम आपको इसी तरह के आधारों से प्रेम को कई भाषों में परिभाषित किया है।

सेक्सुअल जैविक मॉडल में प्यार को भूख और प्यास की तरह दिखाया गया हैं। हेलेन फिशर, प्यार की प्रमुख विशेषज्ञ हैं।उन्होनें प्यार के तजुर्बे को तीन हिस्सों में विभाजन किया हैं हवस, आकर्षण, आसक्ति।हवस यौन इच्छा होती है।रोमानी-आकर्षण निर्धारित करती है कि आपके साथी में आपको क्या आकर्षित करता है।आसक्ति में घर बांट के जीना, माँ-बाप का कर्तव्य, आपसी रक्षा और सुरक्षा की भावना शामिल है।

वासना प्रारंभिक आवेशपूर्ण यौन इच्छा है, जो संभोग को बढ़ावा देता है। ये समागम और रसायन की रिहाई को बढ़ावा देता है। इसका प्रभाव कुछ हफ्ते या महिनों तक ही होता है।आकर्षण एक व्यक्तिगत और रोमानी इच्छा है जो एक ही मनुष्य के प्रति है जो हवस से उत्पन्न होती है। इससे एक व्यक्ति से प्रतिबद्धता बढ़ती है। जैसे जैसे मनुष्य प्यार करने लगते हैं, उनके दिमाग में एक प्रकार के रसायन छूटता हैं। मनुष्य के मस्तिष्क में सुखों के केन्द्र को उत्तेजित करता है।इस वजह से दिल कि धड़कनें बढ़ जाती हैं, भूख नहीं लगती, नींद नहीं आती और उत्साह की तीव्र भावना जाग्रृत होती है।आसक्ति ऐसा लगाव है जिससे सालों रिश्तों की बढ़ोतरी होती है।आसक्ति प्रतिबद्धता पर निर्भर करती है जैसे शादी, बच्चे या दोस्ती पर।

Psychological Bases of Love Ka Full Form Hindi (लव का मनोवैज्ञानिक आधार)

मनोविज्ञान में संज्ञानात्मक और समाजिक घटना को दर्शाया जाता है।मनोविज्ञानी रोबेर्ट स्टर्न्बर्ग ने प्यार के त्रिभुजाकार सिद्धांत को सूत्रबद्ध किया हैं। उन्होंने तर्क किया के प्यार के तीन भिन्न प्रकार के घटक हैं आत्मीयता, प्रतिबद्धता और जोश। आत्मीयता वो तत्व है जिसमें दो मनुष्य अपने आत्मविश्वास और अपने ज़िन्दगी के व्यक्तिगत विवरण को बाँटते हैं।ये ज़्यादातर दोस्ती और रोमानी कार्य में देखने को मिलता है।

प्रतिबद्धता एक उम्मीद है कि ये रिश्ता हमेशा के लिये कायम रहेगा।आखिर में यौन आकर्षण और जोश है। आवेशपूर्ण प्यार, रोमानी प्यार और आसक्ति में दिखाया गया है। प्यार के सारे प्रपत्र इन घटकों का संयोजन होता हैं। पसन्द करने में आत्मीयता शामिल् होती हैं। मुग्ध प्यार में सिर्फ जोश शामिल होता हैं। खालि प्यार में सिर्फ प्रतिबद्धता शामिल हैं। रोमानी प्यार में दोनो आत्मीयता और जोश शामिल होता हैं। साथी के प्यार में आत्मीयता और प्रतिबद्धता शामिल होता हैं। बुद्धिहीन प्यार में प्रतिबद्धता और जोश शामिल हैं। आखिर् में, घाघ प्यार में तीनों शामिल होते हैं।

Evolutionary Theory Of Love Ka Full Form Hindi (लव का विकासवादी आधार)

विकासवादी मनोविज्ञान ने प्यार को जीवित रहने का एक प्रमुख साधन साबित करने के लिए अनेक कारण दिया हैं। इनके हिसाब से मनुष्य अपने जीवनकाल में अभिभावकिय सहायता पर अन्य स्तनपायियों से ज़्यादा निर्भर रहते हैं,प्यार को इस वजह से अभिभावकीय सहारे को प्रचार करने का तंत्र भी माना गया हैं।ये इसलिये भी हो सकता हैं, क्योंकि प्यार के कारण यौन संचारित रोग हो सकता है जिसकी वजह से मनुष्य के जननक्षमता पर असर पड़ सकता हैं, भ्रूण पर चोट आ सकती हैं, बच्चे पैदा करते वक़्त उलझनें भी हो सकती हैं इत्यादि।ये सब चीजें जानने के बाद समाज में बहुविवाह की पद्दति रुक सकती हैं।

जानिए दुनिया का सबसे लम्बा चुम्मा जिसने बनाया रिकॉर्ड

The Science Of Love (लव का विज्ञानं)

ऐसा माना जाता है की प्यार की अवधारणा बहुत ही जटिल है।कुछ जिज्ञासु तथ्य जो विज्ञान ने प्यार और मोह के बारे में योगदान दिया हैलोगों कहते है की Love होते ही उनका दिमाग काम करना बंद कर देता है। सच कहते है। कई अध्ययनो से पता चला की लव करने वाले व्यक्ति के दिमाग में डोपामाईन बहुत ज्यादा हो जाता है। ये रसायन ख़ुशी ,लत , दुःख से जुड़ा होता है।डोपामाईन अपने साथी की ओर आकर्षित करता है। लव होने पे एक और रसायन निकलता है।

उसे अँड्रेनलिन कहते है इसे प्रेम का रसायन भी कहते है। जो दिल की धड़कने बढ़ने और हाथों में पसीने आने से होता है। लव की वजह से तनाव कम होता है उसे गुड फील हार्मोंस भी कहते है जिसमे -डोपामाइन,ऑक्सीटोसिन ,सेरोटोनिन। लव होने लोगो के शरीर में कई तरह का बदलाव होता है और व्यक्ति कलात्मक होने का प्रयास करता है। लव होने पे व्यक्ति के दिमाग कैटाकोलमिन्स बढ़ता है इसके कम होने आदमी दुखी होता है।

आप इसे पढ़ना भी पसंद कर सकते हैं:- वेब होस्टिंग क्या है और सबसे अच्छी वेब होस्टिंग कौन सी है?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here